8th Pay Commission Update: सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! ₹50,000 न्यूनतम सैलरी और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग, जानें क्या है नया प्रस्ताव
प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) ने सरकार को सौंपा मेमोरेंडम; 7% सालाना इंक्रीमेंट, OPS की बहाली और रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने की बड़ी डिमांड।
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यूनियन टेरिटरी (UT) के शिक्षकों के प्रमुख संगठन प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) ने सरकार को एक विस्तृत मांग पत्र (मेमोरेंडम) सौंपा है। इस प्रस्ताव में सैलरी स्ट्रक्चर से लेकर पेंशन और रिटायरमेंट की उम्र तक में क्रांतिकारी बदलावों की वकालत की गई है।
न्यूनतम वेतन ₹18,000 से सीधे ₹50,000 करने की मांग
शिक्षक संगठन की सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम सैलरी ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹50,000 से ₹60,000 करने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की गई है। अगर सरकार इसे स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
भत्तों में जबरदस्त इजाफा और डिजिटल अलाउंस
प्रस्ताव में केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि भत्तों (Allowances) को भी आधुनिक बनाने की बात कही गई है:
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HRA बढ़ोतरी: हाउस रेंट अलाउंस को वर्तमान (10%, 20%, 30%) से बढ़ाकर 12%, 24% और 36% करने की मांग।
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डिजिटल अलाउंस: इंटरनेट और AI सपोर्ट के लिए ₹2,000 प्रति माह का नया भत्ता।
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शिक्षा भत्ता: चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस को ₹2,812 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति बच्चा करने की डिमांड।
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ट्रांसपोर्ट अलाउंस: न्यूनतम ₹9,000 + DA का प्रावधान।
पेंशन और रिटायरमेंट: OPS की वापसी और 65 साल की उम्र
कर्मचारियों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) का है। संगठन ने स्पष्ट रूप से NPS और UPS को हटाकर OPS को फिर से लागू करने की मांग की है। इसके अलावा:
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रिटायरमेंट उम्र: सेवा निवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 साल करने का प्रस्ताव।
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ग्रेच्युटी: ग्रेच्युटी की सीमा ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने की मांग।
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OROP: सिविल कर्मचारियों के लिए भी सेना की तर्ज पर 'वन रैंक वन पेंशन' की व्यवस्था।
करियर ग्रोथ और मेडिकल सुविधाएं
शिक्षकों ने करियर प्रमोशन को लेकर भी कड़े सुझाव दिए हैं। प्रस्ताव के अनुसार, हर 6, 12, 18 और 24 साल में सुनिश्चित प्रमोशन मिलना चाहिए। वर्तमान में प्रमोशन के लिए 15-20 साल का इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य के मोर्चे पर 100% कैशलेस मेडिकल सिस्टम और ₹2 करोड़ तक का ग्रुप इंश्योरेंस कवर देने की भी मांग की गई है।
क्या है आगे की राह?
हालांकि ये मांगें कर्मचारी संगठनों द्वारा रखी गई हैं, लेकिन इनका भविष्य सरकार के रुख और 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद ही तय होगा। यदि इन मांगों का 50% हिस्सा भी मान लिया जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आएगा।