80th Independence Day: 'हथियारी नक्सली खत्म, अब दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की जरूरत', लालकिले की प्राचीर से पीएम मोदी का आह्वान
नीति निर्माण को प्रभावित करती थी माओवादी सोच
Bhadaini Mirror Desk: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। अपने 77 मिनट के ओजस्वी भाषण में पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खात्मे से लेकर देश के सामने मौजूद नई चुनौतियों पर बात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जंगल से हथियारी नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन अब देश को 'दिमागी नक्सलियों' (अर्बन नक्सल) से सतर्क रहने और उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है।
"नक्सलवाद ले रहा अंतिम सांसें, पर दिमागी नक्सल मौके की ताक में"
प्रधानमंत्री मोदी ने दशकों पुराने नक्सलवाद के दंश का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में सरकार में आने के बाद देश को नक्सल-मुक्त करने का संकल्प लिया गया था।
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हिंसा का दौर समाप्त: कभी बंदूक की नोक पर चलने वाले और धरती को रक्तरंजित करने वाले नक्सलग्रस्त इलाकों में आज विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।
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शहीदों को नमन: नक्सली हिंसा में देश के संविधान की रक्षा करते हुए साढ़े 3 हजार से अधिक सुरक्षाबल के जवान शहीद हुए हैं।
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दिमागी नक्सल की चुनौती: पीएम ने चेतावनी देते हुए कहा, "जंगलों से हथियारी नक्सली तो खत्म हो गए हैं, लेकिन 'दिमागी नक्सली' अब भी मौके की तलाश में हैं। ये लोग समाज को गलत राह पर घसीटने और अराजकता फैलाने के लिए नए-नए दांव चल रहे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानकर अलग-थलग करना होगा।"
नीति निर्माण को प्रभावित करती थी माओवादी सोच
पीएम मोदी ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता के गलियारों और सरकारी कमेटियों में माओवादी सोच के लोग सलाहकार बनकर बैठे रहे, जिन्होंने देश की नीतियों को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण से जोड़ना हम सभी का दायित्व है।
युवाओं के लिए 2 बड़े ऐतिहासिक ऐलान
भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए दो बड़ी घोषणाएं भी कीं:
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग: देश में कोचिंग सेंटरों के बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करेगी। देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्गीय छात्रों को घर बैठे कोचिंग मिलेगी।
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1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने के लिए देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
"चुनौती चाहे देश के भीतर हो या बाहर, भारत हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी