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US Visa News: भारतीयों के लिए अमेरिका से बुरी खबर, EB-1 ग्रीन कार्ड कोटा खत्म होने की कगार पर

30 सितंबर से पहले ही फुल हो सकती है EB-1 कैटेगरी; प्रोफेसर, रिसर्चर और मल्टीनेशनल एग्जीक्यूटिव्स का ग्रीन कार्ड इंतजार और बढ़ेगा

 

भदैनी मिरर (इंटरनेशनल/बिजनेस डेस्क): अमेरिका में नौकरी कर रहे और 'ईबी-1' (EB-1) कैटेगरी के तहत ग्रीन कार्ड (स्थाई निवास) का इंतजार कर रहे भारतीयों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका का चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही भारत के लिए तय EB-1 वीजा कोटा पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने सितंबर के अपने वीजा बुलेटिन में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अत्यधिक मांग के कारण आने वाले कुछ ही हफ्तों में भारतीयों के लिए EB-1 कैटेगरी अस्थाई तौर पर बंद (Unavailable) हो सकती है।

वीजा बुलेटिन में अमेरिकी विदेश विभाग की चेतावनी

अमेरिका का मौजूदा वित्तीय वर्ष 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। विदेश विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार:

  • कोटा खत्म होने का खतरा: "EB-1 वीजा कैटेगरी में भारत से जुड़े विदेशी नागरिकों की अत्यधिक मांग और वीजा के इस्तेमाल की वजह से 30 सितंबर से पहले ही तय वार्षिक कोटा पूरा हो सकता है। ऐसे में इस कैटेगरी में वीजा जारी करना कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।"

  • सतत निगरानी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार कट-ऑफ तिथियों में बदलाव किए जाएंगे। यदि 30 सितंबर से पहले भारत के लिए सीमा पूरी हो जाती है, तो नया वित्त वर्ष शुरू होने (1 अक्टूबर) तक कोई नया वीजा जारी नहीं होगा।

किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

EB-1 (Employment-Based First Preference) वीजा मुख्य रूप से उन पेशेवर और खास काबिलियत वाले लोगों के लिए होता है जो:

  1. अपने क्षेत्र (विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या खेल) में असाधारण क्षमता रखते हैं।

  2. उत्कृष्ट प्रोफेसर या शोधकर्ता (Researchers) हैं।

  3. मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत एग्जीक्यूटिव या मैनेजर हैं।

भारतीय आईटी (IT) प्रोफेशनल्स और रिसर्चर्स के लिए यह ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज जरिया माना जाता है। कोटा पूरा होने से इनके इंतजार का समय और लंबा हो जाएगा।

क्या है रोजगार वीजा की कानूनी सीमा?

अमेरिकी इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट (INA) की धारा 201 के तहत:

  • वित्त वर्ष 2026 के लिए दुनिया भर में रोजगार-आधारित (Employment-Based) कुल वीजा प्राथमिकता सीमा 1,86,317 तय की गई है।

  • नियम के अनुसार, किसी भी एक देश के लिए प्रति-देश वार्षिक सीमा कुल कोटा का अधिकतम 7 प्रतिशत (यानी 28,862) निर्धारित है।

भारत से अत्यधिक आवेदन आने के कारण यह 7 फीसदी की सीमा वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही पूरी हो रही है, जिससे आवेदकों के सामने अनिश्चितता का संकट खड़ा हो गया है।