सुलझेगा रहस्य : अमेरिका सार्वजनिक करेगा एलियंस और UFO से जुड़ी गोपनीय जानकारी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान “एलियंस सच में हैं“ के बाद ट्रमप की घोषणा, कहा-ओबामा ने बड़ी गलती की
अमेरिका की घोषणा के बाद दुनिया में बढ़ी हलचल, एलियंस का ‘सच‘ जानने के लिए लोगों में बढ़ी उत्सुकता
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के बयान “एलियंस सच में हैं“ के बाद दुनिया में एक बार फिर एलियंस के अस्तिव को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। ओबामा के इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार 20 फरवरी को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए रक्षा विभाग (पेंटागन) और अन्य सरकारी एजेंसियों को एलियंस और यूएफओ (UFO) से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की इस विषय में गहरी दिलचस्पी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि इतना कहने के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप ने बिना कोई सबूत दिए कहा कि ओबामा ने एलियन के बारे में सार्वजनिक रूप से बात करके गोपनीय जानकारी को गलत तरीके से उजागर किया है। ओबामा ने एक बड़ी गलती की है। ट्रंप ने सुझाव दिया कि अगर ओबामा की टिप्पणी खुफिया जानकारी पर आधारित थी, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को उजागर करने जैसा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में किसी विशेष गोपनीय सामग्री या सबूत का हवाला नहीं दिया। जॉर्जिया जाते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहाकि उन्होंने यानी बराक ओबामा ने इसे गोपनीय जानकारी से बाहर निकाला, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
ट्रंप ने ’ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए बताया कि वह रक्षा सचिव और अन्य संबंधित विभागों को एलियंस, अलौकिक जीवन (Extraterrestrial life) और अज्ञात हवाई घटनाओं से संबंधित फाइलों को पहचानने और उन्हें जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे रहे हैं। राष्ट्रपति ने इस कदम का आधार जनता के बीच इन विषयों के प्रति “जबरदस्त रुचि“ को बताया है। ट्रंप की यह घोषणा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई जिसमें ओबामा ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि “एलियंस सच में हैं“। हालांकि ट्रंप ने फाइलों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है, लेकिन खुद के विश्वास पर स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि एलियंस वास्तव में हैं या नहीं। उन्होंने एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहाकि मुझे नहीं पता कि वे सच हैं या नहीं, लेकिन बहुत से लोग ऐसा मानते हैं। ट्रंप की इस घोषणा ने दुनिया भर के फिर से एलियंस को लेकर चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फाइलें सार्वजनिक होती हैं, तो ब्रह्मांड में जीवन और पृथ्वी पर उनके आगमन से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। कुछ विश्लेषक इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक बहस के हिस्से के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल नासा (NASA) के वैज्ञानिकों का आधिकारिक तौर पर यही कहना है कि अब तक पृथ्वी के बाहर किसी भी तरह के जीवन या एलियंस के होने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक एलियंस के अस्तित्व को स्वीकार करने के बाद इंटरनेट पर हंगामा मच गया। इसके चलते ओबामा को इंस्टाग्राम पर आकर अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा। पूर्व राष्ट्रपति ने लिखा- मैं स्पीड राउंड की भावना का पालन करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मुझे स्पष्ट करने दीजिए। ब्रह्मांड इतना विशाल है कि वहां जीवन होने की संभावना काफी अधिक है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एलियंस से जुड़ी गोपनीय फाइलें सार्वजनिक होती हैं तो बहुत हद तक एलियंस को लेकर अटकलों को विराम लग सकता है और नये तथ्य सामने आ सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकारी फाइलों को सार्वजनिक घोषणा के साथ ही उन्होंने इस मामले को बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस मुद्दे पर लोगों की भारी दिलचस्पी को देखते हुए पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ और अन्य सरकारी एजेंसियों को निर्देश दे रहे हैं कि वे एलियंस, अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना और UFO से जुड़ी फाइलों को पहचानने और उन्हें रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू करें।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्या कहा था
पिछले शनिवार को जारी एक पॉडकास्ट में होस्ट ब्रायन टायलर कोहेन ने ओबामा से पूछा था कि क्या एलियन असली हैं। इस पर ओबामा ने कहा, “वे असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है। उन्हें एरिया 51 में नहीं रखा गया है। वहां कोई भूमिगत सुविधा नहीं है, जब तक कि कोई बहुत बड़ी साजिश न हो। बाद में ओबामा ने इंस्टाग्राम पर स्पष्ट किया कि इतने बड़े ब्रह्मांड में इस बात की संभावना अधिक है कि कहीं और भी जीवन हो। लेकिन सौर मंडलों के बीच की दूरी इतनी ज्यादा है कि एलियन के हम तक आने की संभावना कम है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान एलियन के संपर्क करने का कोई सबूत नहीं मिला।
नेवादा में है एरिया 51
एरिया 51 को लेकर कई तरह थ्योरी की चर्चा है। यह स्थान अमेरिका के नेवादा में स्थित है। इसे दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगह माना जाता है। कई लोगों ने दावा किया है कि अमेरिका ने यहां पर एलियंस को बंधक बनाकर रखा हुआ है और उन पर शोध करता है। यह दावा करने वाले लोगों में कई अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हैं। एरिया-51 का नाम दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में शुमार किया जाता है। एरिया-51 विषय पर कई लोकप्रिय डॉक्यूमेंट्री और फिल्में बन चुकी हैं। एरिया 51 बेहद ही सीक्रेट अमेरिका का एयर फोर्स बेस है, जो लंबे समय से अटकलों और साजिश की थ्योरी को जन्म देता रहा है। इससे लोग आशंका जताते हैं कि अमेरिकी सरकार एलियन टेक्नोलॉजी या बचे हुए हिस्सों को छिपा रही है। आपको यह भी बता दें कि एलियंस के धरती पर आने या अस्तित्व को लेकर वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। लेकिन पूर्व इजरायली अंतरिक्ष सुरक्षा प्रमुख हाइम एशेड ने दावा किया था कि अमेरिका और ’गैलेक्टिक फेडरेशन’ के बीच समझौता है और डोनाल्ड ट्रंप इस सच को उजागर करने वाले थे, जिसे एलियंस ने रोका। हालाँकि, पेंटागन ने एलियंस के ठोस सबूत होने से इनकार किया है। उधर, हाइम एशेड ने दावा किया कि एलियंस का एक संगठन (गैलेक्टिक फेडरेशन) है, और अमेरिका के साथ मिलकर वे मंगल ग्रह पर एक भूमिगत अड्डे का उपयोग कर रहे हैं। दावा किया गया था कि ट्रम्प इन बातों का खुलासा करने ही वाले थे, लेकिन एलियंस ने “सामूहिक उन्माद“ से बचने के लिए उन्हें रोक दिया।