अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का नया दांव: भारत पर अब 10% टैरिफ लागू
6-3 बहुमत से वैश्विक टैरिफ अवैध करार; ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत नया आदेश, व्हाइट हाउस ने भारत पर असर की पुष्टि की
नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति Donald Trump के वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने नया कदम उठाते हुए एक कार्यकारी आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत भारत सहित सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए ट्रंप के पूर्व वैश्विक टैरिफ आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। इसे ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना गया।
किस कानून के तहत लगाया गया नया टैरिफ?
ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122** के तहत नए आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह प्रावधान अमेरिका को भुगतान संतुलन (Balance of Payments) घाटे से निपटने के लिए 150 दिनों तक अधिकतम 15% तक अस्थायी आयात अधिभार (Import Surcharge) लगाने की अनुमति देता है।
नए आदेश के तहत फिलहाल 10% का वैश्विक टैरिफ लागू किया गया है।
भारत पर क्या होगा असर?
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि भारत को भी 10 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दर तब तक प्रभावी रहेगी जब तक किसी अन्य कानूनी अधिकार के तहत अलग दर लागू नहीं की जाती।
फैक्ट शीट के अनुसार, जिन देशों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ट्रंप प्रशासन के साथ टैरिफ समझौते किए थे, उन्हें अब केवल 10% ड्यूटी देनी होगी — भले ही वे पहले अधिक दर पर सहमत हुए हों।
इसका सीधा मतलब यह है कि भारत, जो पहले 18% टैरिफ चुका रहा था, अब उसे 10% टैरिफ देना होगा।
आगे क्या हो सकता है?
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि भविष्य में “अधिक उपयुक्त या पूर्व-निर्धारित टैरिफ दर” लागू करने के विकल्प तलाशे जा सकते हैं। साथ ही व्यापारिक साझेदारों को अपने समझौतों का पालन करने की सलाह दी गई है।
यह कदम ट्रंप के संरक्षणवादी (Protectionist) व्यापार एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना और कथित अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटना है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि
इस महीने की शुरुआत में India और United States ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति जताई थी। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटाते हुए कुल ड्यूटी को 25% से घटाकर 18% कर दिया था।
अब नए आदेश के बाद यह दर घटकर 10% हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही अमेरिका की यात्रा करेगा।