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एससीओ देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, तियानजिन घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ दोहराई प्रतिबद्धता

चीन के तियानजिन में हुई बैठक में सदस्य देशों ने कहा – आतंकवाद के सभी रूप अस्वीकार्य, दोहरे मापदंड नहीं चलेगा

 
नई दिल्ली। चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में निर्दोष लोगों की मौत और घायल होने की घटना को लेकर सभी सदस्य देशों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की।
संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया कि आतंकी हमलों के दोषियों, योजनाकारों और मददगारों को किसी भी हाल में न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा
तियानजिन घोषणा में साफ कहा गया कि सदस्य देश आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। घोषणा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसी भी आतंकवादी या उग्रवादी संगठन का इस्तेमाल निजी स्वार्थों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
सदस्य देशों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीमा पार आतंकवाद सहित हर रूप में आतंकवाद से एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' का संदेश
तियानजिन घोषणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" को भी दोहराया गया। सदस्य देशों ने विज्ञान, तकनीकी प्रगति और नवाचार के क्षेत्र में भारत की पहल का स्वागत किया।
उन्होंने 3 से 5 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में आयोजित 5वें एससीओ स्टार्टअप मंच और 21-22 मई 2025 को नई दिल्ली में हुई 20वीं एससीओ थिंक टैंक बैठक को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, भारतीय परिषद (ICWA) के तहत चल रहे एससीओ अध्ययन केंद्र की भी सराहना की, जिसने सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान को मजबूत किया है।