रूस के व्यापारी ने काशी में हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी, अग्नि के फेरे लिये और 7 जन्मों तक साथ निभाने का किया वादा
रूसी व्यापारी कोंस्टेंटिन मरिंग और मरीना ने पहने थे परम्परागत भारतीय परिधान
भगवान शिव, काशी और मां गंगा के प्रति रखते हैं गहरी आस्था
पति के पैर छूते और मांग में सिंदूर भरते वक्त भावुक हो गये दम्पती
वाराणसी, भदैनी मिरर। सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की गहराईयों के प्रति आकर्षण का ही नतीजा है कि बुधवार को दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस थाना के पास रूसी दम्पती कोंस्टेंटिन मरिंग (Konstantin Mering) और मरीना (Marina) ने सात जन्मों में बंधने का वादा किया। नवा वीर बाबा मंदिर में हुई इस अनोखी शादी में कई ऐसे अहम मोड़ आये जब रसियन जोड़े को भारतीय संस्कृति की गहराई समझ में आई और दोनों भावुक हो गये। जोड़े ने पारंपरिक भारतीय परिधान पहने हुए थे। इस जोड़े की 11 साल पहले मुलाकात हुई थी। आपसी सहमति से पहले ही विवाहित थे। लेकिन हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने के लिए वे काशी आए।
परिणय सूत्र में बंधनेवाले रूसी व्यापारी कोंस्टेंटिन मरिंग और मरीना ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। यह विवाह न दंपत्ति के लिए और काशी की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी यादगार क्षण साबित हुआ। गंगा के तट पर हुए इस विवाह के दौरान वेद मंत्र गूंजे, विधिवत हवन-पूजन भी हुआ। दम्पती ने शादी की सभी रस्में पूरी कीं। रूसी व्यापारी कोंस्टेंटिन ने पत्नी मरीना की मांग में सिंदूर भरा। इस वैवाहिक समारोह में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। रूसी दंपत्ति ने बताया कि वह दोनों हिंदू धर्म, विशेषकर भगवान शिव और गंगा माता के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। भारतीय संस्कृति से उनका लगाव इतना गहरा है कि उन्होंने अपनी शादी काशी में वैदिक रीति से करने का फैसला किया। रूस में व्यापार करने वाले इस जोड़े ने कहा, “काशी की पवित्रता और यहां की परंपराएं हमें हमेशा से आकर्षित करती रही हैं। हमने सात फेरों के महत्व को समझा तब सात जन्मों का वादा किया है।
गौरतलब है कि भारत और रूस के आपसी सम्बंध दशकों पुराने हैं। अमेरिकी ‘तानाशाही‘ के बाद एक बार फिर पुराने रिश्तों में गरमाहट आई है। देश के स्कूल कालेजों में रसियन संस्कृति के जानकार छात्र-छात्राओं को वहां की परम्पराएं, भाषा शैली आदि की जानकारियां दे रहे हैं। वहीं भारतीय भी रूस जाकर दोनों देशों की आपसी संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में रूस के दम्पती ने भी भारतीय संस्कृति से प्रेरित होकर हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह करने का निश्चय किया। विदेशी जोड़े की शादी के दौरान जब गर्ल फ्रेंड से पत्नी बनी मरीना ने पति कोंस्टेंटिन के पैर छुए तो भावुक दृश्य उत्पन्न हो गया था। दूसरी ओर जब दोस्त से पति की भूमिका में आये कोंस्टेंटिन ने पत्नी मरीना के मांग में सिंदूर भरा तो इस क्षण ने भी दोनों को भावुक कर दिया।