नेपाल बाढ़ त्रासदी: मृतकों का आंकड़ा 1259 पहुंचा, लापता भारतीयों की पहचान के लिए भारत में होगी DNA जांच
भारत ने वायुसेना के C-130J विमानों से भेजी 21.5 टन राहत सामग्री और फोरेंसिक किट; 5 हजार लोग अब भी लापता, विदेश मंत्रालय ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क
नेपाल में बर्फ और चट्टानों के भीषण हिमस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ से हालात अत्यंत गंभीर बने हुए हैं। उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों को तबाह करने वाली इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई है, जबकि लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस त्रासदी में लापता भारतीय नागरिकों की पहचान और नेपाल को तत्काल सहायता देने के लिए भारत सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और फोरेंसिक अभियान शुरू किया है।
भारत में होगी लापता लोगों के परिजनों की DNA जांच
नेपाल में मिले अज्ञात शवों की पहचान की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है:
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प्रथम श्रेणी के रिश्तेदारों के सैंपल: भारत में रह रहे लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों (माता-पिता, बेटा-बेटी या भाई-बहन) का डीएनए प्रोफाइल तैयार कराया जाएगा।
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लैब सुविधाएं उपलब्ध: इसके लिए केंद्रीय व राज्य फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और NABL से मान्यता प्राप्त लैब की सेवाएं ली जाएंगी।
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ऑटोसोमल STR DNA तकनीक: नेपाल पुलिस की सलाह पर 'ऑटोसोमल एसटीआर डीएनए प्रोफाइलिंग' कराई जाएगी।
नेपाल पुलिस और भारतीय दूतावास ने जारी किए ईमेल व हेल्पलाइन नंबर
अज्ञात शवों की पहचान के समन्वय के लिए विशेष व्यवस्था की गई है:
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हेल्पलाइन नंबर: +977 9841 6160 95
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नेपाल पुलिस ईमेल (DNA प्रोफाइल भेजने हेतु):
dnacodis@nepalpolice.gov.np -
भारतीय दूतावास ईमेल (प्रतिलिपि/समन्वय हेतु):
eoikathmandufloodsupport@gmail.com
वायुसेना के दो C-130J विमानों से पहुंची 21.5 टन राहत सामग्री
आपदा की इस घड़ी में भारत लगातार नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
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भारतीय वायुसेना के दो सी-130J (C-130J) विमान 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुके हैं।
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इस नई खेप में जरूरी खाद्य सामग्री, मेडिकल सप्लाई और शवों की पहचान के लिए विशेष फोरेंसिक किट शामिल हैं।
12 हजार से अधिक बचाए गए, मानसिक आघात से जूझ रहे पीड़ित
नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुए हिमस्खलन से शुरू हुई इस बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। राहत एवं बचाव दल अब तक 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं। हालांकि, इस त्रासदी के बाद अब जीवित बचे लोग और बच्चे गहरे मानसिक आघात (ट्रॉमा) से गुजर रहे हैं। क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।