रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत, भारत ने कड़ी निंदा करते हुए इसे बताया "अस्वीकार्य"
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए भीषण हमले में 300 से अधिक घायल; सऊदी नीत गठबंधन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को ठहराया जिम्मेदार
नई दिल्ली (भदैनी मिरर)। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भीषण मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पिछले एक दशक से अधिक समय में सऊदी धरती पर यह सबसे घातक हमला माना जा रहा है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
घरेलू उड़ानों के टर्मिनल पर हुआ हमला
यह मिसाइल रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उस परिसर पर गिरी, जहां घरेलू उड़ानों के लिए टर्मिनल 3 और 4 बने हुए हैं। इस हमले के बाद शनिवार को रियाद से सभी उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया और हवाई अड्डे पर परिचालन को अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ा। मृतकों में 4 सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक फिलिस्तीनी, एक अमेरिकी, एक मिस्र का नागरिक, एक जॉर्डन, एक सीरियाई और एक सूडानी नागरिक शामिल है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले के लिए पड़ोसी देश यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए बार-बार के हमलों, जिसमें 10 अक्टूबर का कायराना हमला भी शामिल है, से हुई जान-माल की हानि बेहद दुखद है।
"नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर इस तरह के बार-बार होने वाले हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।"
भारत ने सऊदी अरब के लोगों और सरकार के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
हूती संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
जुलाई में यमन की रियाद समर्थित सरकार के साथ हुए संघर्ष विराम के टूटने के बाद से हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और टैंकों को निशाना बनाते हुए हमलों की झड़ी लगा दी है। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यह तीसरा हमला है, जो फरवरी के अंत में अमेरिकी-इराकी/ईरान संघर्ष की शुरुआत के बाद से किसी भी मध्य पूर्व देश में सबसे घातक हमला है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी हमलों में शामिल होने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे स्थिति का जायजा ले रहे हैं और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।