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UNSC में भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला: 'फिटना अल हिंदुस्तान' के नाम पर दुनिया को गुमराह करने की साजिश नाकाम होगी

'नफरत की फैक्ट्री' चला रहा है पाकिस्तान: भारत

 

न्यूज डेस्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच से भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान को बेनकाब किया है। अफगानिस्तान की स्थिति पर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे 'फिटना अल हिंदुस्तान' नैरेटिव को सरकारी स्तर पर प्रायोजित एक सोची-समझी साजिश और दुष्प्रचार करार दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपने देश की आंतरिक नाकामियों को छिपाने के लिए धार्मिक शब्दावली का सहारा लेकर दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।

'नफरत की फैक्ट्री' चला रहा है पाकिस्तान: भारत

भारतीय प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि 'फिटना अल हिंदुस्तान' जैसी शब्दावली पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान (Establishment) द्वारा तैयार की गई है।

"यह पाकिस्तान की संगठित 'नफरत की फैक्ट्री' का नतीजा है। इसका एकमात्र उद्देश्य अपने ही देश के नागरिकों का ध्यान वहां की वास्तविक राजनीतिक और आर्थिक बदहाली से भटकाना है। भारत के खिलाफ लगातार नफरत का माहौल बनाए रखकर वहां की सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण रखने का खेल खेला जा रहा है।" - पर्वथानेनी हरीश, UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि

अफगानिस्तान में पाक हवाई हमलों पर उठाए गंभीर सवाल

भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को खारिज किया, बल्कि अफगानिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए सैन्य हवाई हमलों की भी कड़े शब्दों में निंदा की। भारत ने साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर निर्दोष नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जा सकता।

  • निर्दोषों की मौत: हमलों में आम नागरिकों की मौत, लोगों के घायल होने और बच्चों के अनाथ होने पर भारत ने गहरी चिंता जताई।

  • जिम्मेदारी से भागने की कोशिश: भारत ने कहा कि किसी क्रूर सैन्य अभियान को 'आतंकवाद विरोधी कार्रवाई' का नाम देकर पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

रमजान में हमले: पाकिस्तान के दोहरे मापदंड उजागर

भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के पाखंड को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 'इस्लामी एकजुटता' और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की दुहाई देता है, वहीं दूसरी तरफ रमजान जैसे पवित्र महीने में भी सैन्य कार्रवाई करने से बाज नहीं आता। भारत के मुताबिक, अपनी आंतरिक सुरक्षा की विफलताओं के लिए पड़ोसी देशों पर ठीकरा फोड़ना पाकिस्तान की पुरानी आदत बन चुकी है।

क्या है 'फिटना अल हिंदुस्तान' विवाद, जिसे भारत ने किया खारिज?

दरअसल, पिछले साल पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना ने बलूचिस्तान व अन्य इलाकों में सक्रिय स्थानीय उग्रवादी और आतंकवादी संगठनों को 'फिटना अल हिंदुस्तान' का नाम देना शुरू किया था। पाकिस्तान का आरोप था कि ये विद्रोही गुट भारत के इशारे पर काम कर रहे हैं।

भदैनी मिरर फैक्ट चेक: पाकिस्तान ने इस बड़े आरोप के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कभी कोई ठोस या सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया। अब भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच से पाकिस्तान के इस पूरे नैरेटिव को मनगढ़ंत, भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।