{"vars":{"id": "125128:4947"}}

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 3 बड़ी शर्तें; स्ट्रेट ऑफ होरमुज बंद रखने का ऐलान, लेबनान पर इजराइल की गोलाबारी

कतर और पाकिस्तान बने मध्यस्थ, तेहरान ने संपत्तियों की रिहाई और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की रखी मांग; जानिए जमीनी हालात का पूरा अपडेट

 

तेहरान / वॉशिंगटन (भदैनी मिरर): पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी जंग और राजनीतिक अस्थिरता के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रज़ाए ने खुलासा किया है कि तेहरान ने कतर और पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए अपनी महत्वपूर्ण शर्तें सौंप दी हैं।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दीर्घकालिक शांति समझौते के लिए अमेरिका को उनकी मांगों पर अमल करना होगा।

ईरान की प्रमुख शर्तें:

  1. सभी मोर्चों पर युद्धविराम: ईरान ने तुरंत प्रभाव से हर मोर्चे पर जारी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की मांग की है।

  2. जब्त वित्तीय संपत्तियों की रिहाई और पाबंदियां खत्म होना: अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण विदेशों में अटकी ईरानी वित्तीय संपत्तियों से रोक हटाने और आर्थिक प्रतिबंध समाप्त करने की शर्त शामिल है।

  3. नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) की समाप्ति: ईरान के तेल निर्यात को प्रभावित कर रही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत हटाया जाए, जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके।

'मांगें पूरी होने तक बंद रहेगा स्ट्रेट ऑफ होरमुज'

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने संसद में बोलते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता और ईरान के वैध अधिकारों को स्वीकार नहीं करता, तब तक वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होरमुज' पूरी तरह बंद रहेगा।

वहीं दूसरी ओर, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी वित्त मंत्री के उस दावे का खंडन किया है जिसमें ईरान में पेट्रोल की भारी कमी की बात कही गई थी। अजीजी ने इसे "निराधार झूठ" बताते हुए कहा कि देश में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है।

लेबनान और वेस्ट बैंक में हमले तेज

कूटनीतिक कोशिशों के बीच जमीनी मोर्चे पर भीषण हमले जारी हैं:

  • लेबनान पर गोलाबारी: इजराइली वायुसेना और तोपखाने ने दक्षिणी लेबनान के मजदल ज़ौन, ऐता अल-जबल, और ज़ौतार अल-शरकिया सहित कई इलाकों में लगातार बमबारी की है।

  • शिक्षकों को रोका: वेस्ट बैंक में इजराइली सुरक्षा बलों ने दो प्रमुख चेकपॉइंट बंद कर दिए, जिससे 100 से अधिक फलस्तीनी शिक्षक अपने स्कूलों तक नहीं पहुंच सके। इससे लगभग 1,100 बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है।

  • प्रतिरोध का आह्वान: हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने एक सम्मेलन में कहा कि इजराइली आक्रमण का सामना केवल 'प्रतिरोध' (Resistance) के जरिए ही संभव है, और यही रास्ता कब्जे वाली जमीन को मुक्त करा सकता है।

फिलहाल कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों के बीच गतिरोध को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अब भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।