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गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर का अमेरिका में कमाल: इलिनॉयस स्टेट असेंबली चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत

एएमयू (AMU) की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं सबा हैदर ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में लहराया परचम; योगा टीचर से राजनेता बनने तक का सफर।

 

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क, इंटरनेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पली-बढ़ीं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की पूर्व छात्रा सबा हैदर ने अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हालिया अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में सबा ने डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर इलिनॉयस राज्य की 84वीं डिस्ट्रिक्ट सीट से शानदार जीत दर्ज की है। इस चुनाव में उन्हें 71.8 फीसदी वोट मिले, जिसके बाद उनके पैतृक शहर बुलंदशहर और गाजियाबाद स्थित आवास पर जश्न का माहौल है।

गाजियाबाद से अमेरिका तक का सफर

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से ताल्लुक रखने वाला सबा हैदर का परिवार बाद में गाजियाबाद आकर बस गया था। सबा की शुरुआती स्कूली शिक्षा गाजियाबाद में ही हुई। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से वाइल्डलाइफ साइंसेज में एमएससी की पढ़ाई की, जिसमें उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल टाइगर रिजर्व में चार महीने तक टाइगर पर रिसर्च भी की थी।

शादी के बाद साल 2007 में वह अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति के साथ अमेरिका चली गईं। अमेरिका में उन्होंने शुरुआत में एक योगा टीचर और ट्रेनर के रूप में काम किया।

राजनीति में ऐसे हुई एंट्री

सबा हैदर का परिवार कभी भी राजनीति से नहीं जुड़ा रहा है। उनके पिता सैयद अली हैदर एक सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां गाजियाबाद में एक छोटा सा स्कूल चलाती हैं। अमेरिका में रहने के दौरान सबा सबसे पहले अपने बच्चों के स्कूल में पैरेंट-टीचर एसोसिएशन (PTA) की अध्यक्ष बनीं। इसके बाद वह क्षेत्रीय PTA की प्रमुख बनीं और स्थानीय समुदाय के मुद्दों पर काम करना शुरू किया।

वह काउंटी बोर्ड की कमिश्नर भी रहीं, जहां उन्होंने स्कूलों और खेलकूद के लिए जमीन आवंटन जैसे क्षेत्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण कार्य किए। धीरे-धीरे जनसेवा से जुड़ाव उन्हें सक्रिय राजनीति में ले आया और आज वह स्टेट असेंबली तक पहुंचने में कामयाब रही हैं।

परिवार और देश में गर्व का माहौल

सबा की इस ऐतिहासिक जीत पर उनके भाई अब्बास हैदर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार या गाजियाबाद की नहीं, बल्कि पूरे भारत और देश की हर बेटी की जीत है। वहीं, उनकी मां शहनाज़ हैदर ने बेटी की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी बरसों की मेहनत सफल हो गई है।

गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली सबा हैदर की यह सफलता साबित करती है कि लगन और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी इस जीत से प्रवासी भारतीयों के बीच भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।