'कर्मों का फल सबको मिलता है...', लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गोल्डी बराड़ ने ली खालिस्तानी निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी
ड्रग्स और ब्लैकमेलिंग के चलते मारा गया निज्जर
अंतरराष्ट्रीय (भदैनी मिरर)। कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। भारत में वांछित (Wanted) और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने दावा किया है कि उसी ने और उसकी टीम ने मिलकर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाई थी। गोल्डी बराड़ का कहना है कि निज्जर युवाओं को नशों (ड्रग्स) के जाल में फंसाने का काम कर रहा था।
ड्रग्स और ब्लैकमेलिंग के चलते मारा गया निज्जर
खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा से बातचीत के दौरान गोल्डी बराड़ ने यह बड़ा खुलासा किया। बराड़ ने बताया कि निज्जर उन लोगों का समर्थन करता था जो भारतीय युवाओं को ब्लैकमेल करके नशे के कारोबार और मुखबिरी में धकेलते थे।
गोल्डी बराड़ ने कहा, "निज्जर ऐसे लोगों का इस्तेमाल अपने निजी और खालिस्तानी अजेंडे के लिए कर रहा था। युवाओं को ड्रग्स के जाल में धकेलने की वजह से ही हमने उसे मार गिराया। हर इंसान को अपने कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है।"
गुरुद्वारे के बाहर 50 राउंड फायरिंग, 34 गोलियां लगी थीं
अपने दावे में गोल्डी बराड़ ने बताया कि उसने गुरुद्वारे के पवित्र परिसर के अंदर गोली नहीं चलाई क्योंकि वह गुरु का स्थान है। इसीलिए उसकी टीम ने निज्जर के बाहर आने का इंतजार किया।
बराड़ ने यह भी खुलासा किया कि उनका निशाना केवल निज्जर ही नहीं बल्कि खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला भी था। उसे लगा था कि गाड़ी में निज्जर के साथ डल्ला भी मौजूद है, लेकिन वह बच गया। निज्जर पर 50 राउंड गोलियां चलाई गई थीं, जिनमें से 34 गोलियां उसे लगी थीं। 18 जून 2023 को कनाडा के सरे स्थित गुरुद्वारे के बाहर उसकी मौत हो गई थी।
कनाडा-भारत विवाद और क्लीन चिट
गौरतलब है कि निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बिना किसी ठोस सबूत के भारत सरकार पर हत्या का आरोप लगा दिया था, जिससे दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध बेहद खराब हो गए थे। हालांकि, बाद में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया। हाल ही में कनाडाई अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है।
विदेशों में फैला लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क
उल्लेखनीय है कि लॉरेंस बिश्नोई 2015 से भारत की जेल में बंद है, लेकिन गोल्डी बराड़ कनाडा में रहकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गैंग की कमान संभाल रहा है। गोल्डी बराड़ भारत में सिद्धू मूसेवाला की हत्या का भी मुख्य आरोपी है। हाल ही में अमेरिका ने गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर का इनाम घोषित किया है और बिश्नोई गैंग से जुड़े कई अन्य अपराधियों को अपने निशाने पर लिया है।