{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Apple Maps ने 'लेक ओंटारियो' का नाम बदला, अब अमेरिका में दिखेगा 'लेक अमेरिका'

डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद टेक कंपनियों में हलचल: कनाडा में 'लेक ओंटारियो' ही रहेगा नाम, जानिए भारत और दुनिया पर इसका क्या असर होगा।

 

वॉशिंगटन / भदैनी मिरर खबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक नए फैसले के बाद टेक जगत और वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दिग्गज टेक कंपनी ऐप्पल (Apple) ने अपने ऐप्पल मैप्स (Apple Maps) के वेब वर्जन पर उत्तरी अमेरिका की प्रसिद्ध 'लेक ओंटारियो' (Lake Ontario) का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' (Lake America) कर दिया है।

ऐप्पल से ठीक पहले गूगल (Google) ने भी अमेरिकी यूज़र्स के लिए गूगल मैप्स पर इस झील का नाम बदल दिया था। ऐप्पल ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी भूगोल संबंधी आधिकारिक डेटाबेस (US Geographical Names Information System) में संशोधन के बाद यह बदलाव केवल अमेरिका के यूज़र्स के लिए लागू किया गया है।

किस देश में क्या दिखेगा?

  • अमेरिका (U.S.): यहां के यूज़र्स को अब झील का नाम 'लेक अमेरिका' दिखाई देगा।

  • कनाडा (Canada): कनाडाई यूज़र्स के लिए इसका नाम पहले की तरह 'लेक ओंटारियो' ही रहेगा।

  • भारत और अन्य देश: दुनिया के बाकी हिस्सों में मैप्स पर दोनों नाम (लेक ओंटारियो / लेक अमेरिका) प्रदर्शित किए जाएंगे।

कनाडा और अमेरिकी राज्यों ने किया विरोध

लेक ओंटारियो लगभग 400 साल पुराना नाम है। इसका 52% हिस्सा कनाडा में आता है और बाकी हिस्सा अमेरिकी राज्य न्यूयॉर्क से सटा हुआ है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने ट्रंप के इस फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे इस ऐतिहासिक नाम को नहीं बदलेंगे।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह आदेश केवल अमेरिकी संघीय एजेंसियों (Federal Usage) तक ही सीमित है। कनाडा, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं या अन्य देश इसे मानने के लिए बाध्य नहीं हैं।

पहले भी बदला जा चुका है 'मेक्सिको की खाड़ी' का नाम

यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने भौगोलिक सीमाओं के नाम बदले हों। इससे पहले जनवरी 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने 'मेक्सिको की खाड़ी' (Gulf of Mexico) का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' (Gulf of America) करने का आदेश दिया था, जिसे टेक कंपनियों ने अमेरिका में लागू भी किया था।

हालिया रॉयटर्स/इप्सोस (Reuters/Ipsos) पोल के मुताबिक, 52% से अधिक अमेरिकी नागरिक कनाडा के सामानों पर टैक्स बढ़ाने और झील का नाम बदलने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों के खिलाफ हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिग्गज टेक कंपनियों को कूटनीतिक और राजनीतिक विवादों के बीच लाकर खड़ा कर दिया है।