{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी: एपेक्स हॉस्पिटल में पेल्विक फ्लोर रिहैबिलिटेशन पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित, विशेषज्ञों ने दिए आधुनिक उपचार के टिप्स

मूत्र असंयम (Urinary Incontinence) और पेल्विक floor विकारों पर हुई विस्तृत चर्चा, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के छात्रों को मिले वैज्ञानिक गुर।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी में 'पेल्विक फ्लोर रिहैबिलिटेशन' विषय पर एक दिवसीय वैज्ञानिक सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी एवं हॉस्पिटल के ऑक्यूपेशनल थेरेपी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

संस्थान के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों, बीपीटी व एमपीटी के विद्यार्थियों, स्टाफ और मरीजों के परिचारकों में पेल्विक फ्लोर संबंधी समस्याओं (जैसे मूत्र असंयम) की समय पर पहचान और आधुनिक उपचार पद्धतियों के प्रति वैज्ञानिक समझ को मजबूत करना था।

विशेषज्ञों ने पेल्विक संरचना और आधुनिक उपचार तकनीकों पर दिया जोर

वैज्ञानिक सत्र का सफल संचालन फिजियोथेरेपी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ. पुनीत जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में दिल्ली से आमंत्रित मुख्य वक्ता पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनॉमिस्ट डॉ. इंदु कश्यप तथा एपेक्स की ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री ने अपने विचार रखे।

विशेषज्ञों ने पेल्विक फ्लोर की जटिल शारीरिक संरचना, उसकी कार्यप्रणाली और इससे जुड़ी बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) पुनर्वास तकनीकों के माध्यम से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) में अभूतपूर्व सुधार लाया जा सकता है।

मूत्र असंयम के प्रबंधन में यूरोलॉजी और थेरेपी का समन्वय जरूरी

सत्र के दौरान एपेक्स के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. पुनीत कुमार के.एम. ने श्रोणि (Pelvis) की संरचना और मूत्र असंयम (Urinary Incontinence) के चिकित्सकीय प्रबंधन में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर तकनीकी व व्यावहारिक ज्ञान साझा किया।

कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्टों, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्टों और मेडिकल विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के वाइस प्रिंसिपल प्रो. डॉ. सौरभ आनंद द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।