वाराणसी: एपेक्स हॉस्पिटल में पूर्वांचल की पहली 'शुद्ध ऑक्सीजन' HBOT थेरेपी शुरू, ऑस्ट्रिया और जर्मनी के डॉक्टरों ने किया उद्घाटन
पेल्विक, यूरो और न्यूरो समस्याओं का अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा इलाज; कैंसर और पीडियाट्रिक रिहैब की अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार
भदैनी मिरर, वाराणसी: चिकित्सा के क्षेत्र में काशी को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए एपेक्स हॉस्पिटल ने पूर्वांचल की पहली हाई प्रेशर शुद्ध ऑक्सीजन आधारित उपचार तकनीक— हाईपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही अस्पताल में न्यूरो, पेल्विक, यूरो और बच्चों की जटिल समस्याओं के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एडवांस रिहैबिलिटेशन सेंटर का विस्तार किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने किया उद्घाटन
इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन ऑस्ट्रिया के प्रसिद्ध शिशु अस्थि रोग सर्जन डॉ. ऑरथनर एवं वेरोनिका, तथा जर्मनी के डॉ. थॉर्स्टन एवं क्लॉडिया द्वारा किया गया। इन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने कहा कि यह सेंटर मरीजों को दर्द से राहत दिलाने और उनके जीवन में फिर से गतिशीलता लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
इन बीमारियों का होगा बेहतर इलाज
एपेक्स के चेयरमैन और वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन प्रो. डॉ. एसके सिंह, निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल एवं निदेशिका डॉ. अंकिता पटेल की उपस्थिति में सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई:
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HBOT थेरेपी: शुद्ध ऑक्सीजन के माध्यम से घावों को भरने और ऊतकों के पुनर्जीवन में सहायक।
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पेल्विक फ्लोर थेरेपी: मूत्राशय, जननांगों और यूरो-न्यूरो से जुड़ी समस्याओं के लिए प्रभावी।
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पीडियाट्रिक रिहैब: सेरेब्रल पल्सी, स्पाइन की समस्या और बच्चों की मोटर स्किल्स सुधारने के लिए लेजर व फिजिकल थेरेपी।
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कैंसर रिहैब: कैंसर के इलाज के बाद मरीजों के शारीरिक पुनर्वास (Onco Rehab) की विशेष सुविधा।
गरिमापूर्ण उपस्थिति
उद्घाटन के अवसर पर ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री, ऑनको रिहैब विशेषज्ञ डॉ. दिब्येन्दु रॉय, नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. आर जहॉनसी रानी, फिजियोथेरेपी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पुनीत जायसवाल सहित एपेक्स रिहैब टीम और फैकल्टी उपस्थित रही।
एपेक्स हॉस्पिटल का यह नया विंग मरीजों को छोटी-छोटी दैनिक गतिविधियों में बड़ी आजादी और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।