वाराणसी: LGBT समुदाय के लिए माता आनंदमयी अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर, AIDS के प्रति किया गया जागरूक
हाशिए पर खड़े समुदाय तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएं; निःशुल्क जांच और दवाओं का वितरण
वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्म नगरी काशी में सामाजिक समावेश और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। भदैनी स्थित माता आनंदमयी अस्पताल में गुरुवार को प्रिज्मैटिक फाउंडेशन के तत्वाधान में एलजीबीटी (LGBT) समुदाय के लिए विशेष 'एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और गंभीर बीमारियों के प्रति सचेत करना रहा।
निःशुल्क जांच और परामर्श की सुविधा
शिविर के दौरान विशेषज्ञों की देखरेख में प्रतिभागियों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ शुगर, टीबी (T.B.), यौन संचारित रोगों (STDs) और एचआईवी/एड्स की स्क्रीनिंग शामिल रही। जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
यौन स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में 'प्रिज्मैटिक फाउंडेशन' की नीति ने युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक (stigma) के कारण लोग जांच कराने से कतराते हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं, एलजीबीटी अधिकारों के लिए सक्रिय सैम ने सुरक्षित यौन व्यवहार और कंडोम के नियमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि समय पर पहचान होने पर एचआईवी अब एक प्रबंधनीय (Manageable) स्थिति है।
आंकड़ों की जुबानी: यूपी और वाराणसी की स्थिति
माता आनंदमयी अस्पताल के प्रशासक श्री देवाशीष दास ने प्रदेश की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:
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उत्तर प्रदेश में अनुमानित 1.5 से 2 लाख लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं।
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वाराणसी जैसे केंद्रों में पर्यटन, प्रवासी आबादी और असंगठित श्रम के कारण STD और HIV की चुनौतियां बनी रहती हैं।
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एआरटी (ART) केंद्रों पर बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि अब लोग जागरूकता के साथ परामर्श के लिए आगे आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का संबोधन
अपोलो संस्था से आई सविता जी ने संक्रमण के कारणों और रोकथाम के उपायों पर तकनीकी जानकारी साझा की। फाउंडेशन के हेतवी ने कहा कि सामाजिक भेदभाव अक्सर इस समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं से दूर कर देता है, ऐसे में इस तरह के आयोजन बेहद जरूरी हैं।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अनामिका ने किया। शिविर में मुख्य रूप से रूमान, श्रेया, अनुराग, आर्या, तानिया, कार्तिक, दक्ष, एलेक्स, चंदन, नैंसी, सुमन, साहिल और तैन सहित समुदाय के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।