{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Varanasi: अब कीमोथेरेपी के दौरान नहीं झड़ेंगे कैंसर मरीजों के बाल, एपेक्स हॉस्पिटल में 'स्कैल्प कूलिंग' सुविधा शुरू

एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की अभिनव पहल; राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने किया शुभारंभ, डॉ. अंकिता पटेल की NABH पुस्तकों का भी हुआ विमोचन।

 

वाराणसी। कैंसर से जंग लड़ रहे मरीजों के लिए वाराणसी के एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने एक बेहद राहत भरी और संवेदनशील पहल की है। अस्पताल के एडवांस्ड इम्यूनोथेरेपी एवं कीमो केयर वार्ड में अत्याधुनिक स्कैल्प कूलिंग (Scalp Cooling) सुविधा की शुरुआत की गई है। यह आधुनिक तकनीक कैंसर उपचार (कीमोथेरेपी) के दौरान होने वाले बालों के झड़ने (Hair Loss) की समस्या को काफी हद तक कम करेगी, जिससे मरीजों का आत्मविश्वास, सम्मान और सकारात्मक मनोबल मजबूत बना रहेगा।

इस उन्नत चिकित्सा सुविधा का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. ए.के. खन्ना (पूर्व विभागाध्यक्ष, शल्य चिकित्सा विभाग, आईएमएस बीएचयू) और प्रो. डॉ. एस. प्रधान (पूर्व निदेशक, महामना कैंसर संस्थान) द्वारा किया गया। इस दौरान एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल एवं डॉ. अंकिता पटेल भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।

मरीजों का आत्मसम्मान और गरिमा बचाना हमारा लक्ष्य: प्रो. डॉ. एस.के. सिंह

अस्पताल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने इस तकनीक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:

"हमारा उद्देश्य मरीजों को सिर्फ विश्वस्तरीय और नवीनतम उपचार सुविधाएं देना ही नहीं है, बल्कि इलाज के कठिन दौर में उनके आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी सुरक्षित रखना है। कैंसर के इलाज के दौरान बाल झड़ना मरीजों के लिए मानसिक रूप से काफी कष्टदायक होता है। उन्नत स्कैल्प कूलिंग सुविधा की शुरुआत इसी संवेदनशील और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण की दिशा में हमारा एक बड़ा कदम है।"

डॉ. अंकिता पटेल की तीन चिकित्सा पुस्तकों का भी हुआ विमोचन

इस खास गरिमामयी समारोह के दौरान एपेक्स हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. अंकिता पटेल द्वारा लिखित एनएबीएच (NABH) के तीन संस्करणों का भी मुख्य अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।

डॉ. अंकिता पटेल की इन पुस्तकों में:

  • अस्पतालों में गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management) को बेहतर करने के तरीके बताए गए हैं।

  • मरीजों की सुरक्षा (Patient Safety) और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

  • इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए NABH के कड़े मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं को बेहद सरल एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मरीजों को मिलेगी नई ताकत

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अक्सर कैंसर के मरीज कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स और विशेषकर बाल झड़ने के डर से मानसिक रूप से टूट जाते हैं। इस नई 'स्कैल्प कूलिंग' मशीन के जरिए कीमो के दौरान सिर के हिस्से को ठंडा रखा जाता है, जिससे बालों की जड़ों तक कीमो की दवाओं का असर कम होता है और बाल सुरक्षित रहते हैं। यह सुविधा पूर्वांचल और आसपास के कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित होगी।