एपेक्स हॉस्पिटल वाराणसी में यूपी का पहला अंतर्राष्ट्रीय रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट कॉन्क्लेव 2026, देश-विदेश के विशेषज्ञ होंगे शामिल
कैंसर उपचार में सटीक तकनीक और रोगी देखभाल पर होगा मंथन, 35 से अधिक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ लेंगे भाग
वाराणसी। स्वास्थ्य और कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एपेक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला अंतर्राष्ट्रीय रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट कॉन्क्लेव – ARTTI Conclave 2026 आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित शैक्षणिक सम्मेलन क्लीनिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंकित पटेल की अध्यक्षता में तथा एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन थैरेपिस्ट एंड टेक्नोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया (ARTTI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।
इस अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव की थीम “सटीक उपचार की ओर – रेडियोथेरेपी एवं रोगी देखभाल में आधुनिक प्रगति” रखी गई है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रेडियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास, अत्याधुनिक सटीक उपचार पद्धतियों और रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल पर गहन विचार-विमर्श करना है।
दिग्गज विशेषज्ञों की रहेगी मौजूदगी
इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे—
- डॉ. एस. प्रधान, निदेशक, महामना कैंसर संस्थान एवं होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल
जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में—
- डॉ. आशुतोष मुखर्जी, विभागाध्यक्ष, महामना कैंसर संस्थान
- डॉ. सुनील चौधरी, विभागाध्यक्ष, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी
अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय फैकल्टी और 35 से अधिक विशेषज्ञ होंगे शामिल
कॉन्क्लेव में नाइजीरिया से पीटर इमेनुएल और यूके से बृजभूषण सहित देश-विदेश से 35 से अधिक ख्यातिप्राप्त रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ, रेडिएशन थैरेपिस्ट, टेक्नोलॉजिस्ट और शिक्षाविद भाग लेंगे। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश में रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगा।
वैज्ञानिक सत्र और अकादमिक गतिविधियां
कार्यक्रम के दौरान—
- वैज्ञानिक सत्र
- पैनल डिस्कशन
- प्रैक्टिकल अनुभव साझा करने के सत्र
- क्विज प्रतियोगिता
- एकेडमिक ओरल प्रेजेंटेशन
जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
कैंसर उपचार में मील का पत्थर बनेगा कॉन्क्लेव
एपेक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह ने बताया कि यह कॉन्क्लेव रेडिएशन थेरेपी से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल उन्नयन, ज्ञान संवर्धन और सुरक्षित एवं प्रभावी कैंसर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजन से पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश को चिकित्सा शिक्षा और कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।