उत्तर प्रदेश में विस्तार की तैयारी में 'सत्य साई संजीवनी अस्पताल', अब यूपी के बच्चों को राज्य में ही मिलेगा मुफ्त हृदय उपचार
मुफ्त हृदय इलाज के लिए मशहूर 'श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल' का उत्तर प्रदेश में होगा विस्तार, जानिए इसकी बड़ी उपलब्धियां
भदैनी मिरर डेस्क: बच्चों के जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) के क्षेत्र में देश भर में मिसाल बन चुका 'श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल समूह' अब उत्तर प्रदेश में अपनी सेवाओं का बड़ा विस्तार करने जा रहा है। साल 2012 में नई रायपुर (छत्तीसगढ़) से शुरू हुआ यह संस्थान पूरी तरह से निःशुल्क (Absolutely Free) स्वास्थ्य सेवाओं के सिद्धांत पर काम करता है। अब यह अस्पताल यूपी सरकार और समाज के सहयोग से उत्तर प्रदेश में भी अपनी नई इकाई स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
"सबसे प्रेम, सबकी सेवा" – यहाँ नहीं लगता एक भी पैसा
संस्थान का मूल मंत्र “सबसे प्रेम, सबकी सेवा” है। इस अस्पताल की सबसे खास बात यह है कि यहाँ जाति, धर्म, आर्थिक स्थिति या राष्ट्रीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। अस्पताल में मरीज के पंजीकरण (Registration), जांच, जटिल हार्ट सर्जरी, दवाइयां, रहने और खाने से लेकर डिस्चार्ज होने तक एक भी रुपया शुल्क नहीं लिया जाता है। यह पूरी तरह कैशलेस और बिना किसी बिलिंग काउंटर के चलने वाला देश का अनूठा मॉडल है।
आंकड़ों में संजीवनी अस्पताल की बड़ी सफलता (10 जून 2026 तक की स्थिति)
अस्पताल समूह ने अब तक लाखों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है। संस्थान द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार:
| स्वास्थ्य सेवा का विवरण | कुल लाभान्वित मरीज |
| कुल पंजीकृत मरीज (OPD) | 3,78,419 |
| कुल कार्डियक (हृदय) उपचार | 42,853 |
| सफल हार्ट सर्जरी (Surgeries) | 27,697 |
| कैथ इंटरवेंशन (Cath Interventions) | 15,153 |
| मां एवं बाल अस्पताल में सुरक्षित प्रसव | 12,579 |
| अयोध्या केंद्र के जरिए तीर्थयात्रियों को मुफ्त सेवा | 16.85 लाख+ |
यूपी में विस्तार की क्यों पड़ी जरूरत?
संस्थान के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर स्थित केंद्र में इलाज के लिए आने वाले बच्चों में लगभग 30 से 35 प्रतिशत मरीज अकेले उत्तर प्रदेश से होते हैं।
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यूपी के मरीजों की भारी संख्या: उत्तर प्रदेश से अब तक 1,00,363 ओपीडी मरीज और 11,571 बच्चे अपनी सफल कार्डियक सर्जरी करा चुके हैं।
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अयोध्या में भी सेवा: संस्थान द्वारा अयोध्या स्थित केंद्र के माध्यम से अब तक 16.85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को मुफ्त चिकित्सा परामर्श और दवाएं दी जा चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की गंभीर चुनौती को देखते हुए संस्थान ने अब यूपी में ही अपनी सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।