पैराप्लेजिया से पीड़ित गरीब मरीज का BHU ट्रॉमा सेंटर में हुआ सफल नि:शुल्क इलाज, आयुष मंत्री की पहल लाई रंग
आर्थिक तंगी से जूझ रहे 43 वर्षीय मरीज को मिली नई जिंदगी; 24 दिनों के इलाज के बाद डिस्चार्ज, बीएचयू प्रशासन ने नि:शुल्क दी व्हीलचेयर
भदैनी मिरर (वाराणसी/हेल्थ डेस्क): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। रीढ़ की हड्डी (D12-L1 स्तर) में गंभीर चोट के कारण पैराप्लेजिया यानी दोनों पैरों के लकवे से पीड़ित 43 वर्षीय अत्यंत निर्धन मरीज का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के हड्डी विभाग में सफल इलाज और पुनर्वास किया गया।
आर्थिक तंगी के कारण मरीज अपना इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ था। लाचार होकर उसने अपनी समस्या उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के समक्ष रखी थी।
मंत्री के निर्देश पर मिला त्वरित दाखिला
मरीज की गंभीर स्थिति और आर्थिक तंगी को देखते हुए आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर प्रशासन को निर्देशित किया। मंत्री से सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 4 अगस्त 2026 को मरीज को हड्डी रोग विभाग में भर्ती कर लिया।
24 दिनों तक चला नि:शुल्क उपचार, भेंट की गई व्हीलचेयर
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम श्रीवास्तव (एम.एस. आर्थो) की देखरेख में मरीज का इलाज शुरू हुआ। 24 दिनों तक चले गहन उपचार के दौरान मरीज को दी जाने वाली सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त रहीं:
-
नि:शुल्क सेवाएं: सभी आवश्यक पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांचें, दवाएं, फिजियोथेरेपी सेशन और 24 घंटे नर्सिंग केयर।
-
पुनर्वास (Rehabilitation): मरीज के पूर्ण स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज करते समय संस्थान की ओर से उसे नि:शुल्क व्हीलचेयर भी प्रदान की गई, ताकि वह दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर रह सके।
बीएचयू प्रशासन ने सराहा डॉक्टरों का प्रयास
-
प्रो. अजित सिंह (आचार्य प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष, हड्डी विभाग): "आर्थिक रूप से असमर्थ और असहाय मरीजों को श्रेष्ठ चिकित्सा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराना बीएचयू संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
-
प्रो. संजय गुप्ता (संकाय प्रमुख): उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान हर मरीज को संवेदनशील, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की मानवीय पहल से आम जनता का बीएचयू के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होता है।