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Doctors Day: बीएचयू में लाइफ सेवर आर्मी का रक्तदान शिविर, डॉ. आशुतोष सिंह ने 52वीं बार किया ब्लड डोनेट

थैलेसीमिया व कैंसर पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए युवा; डॉक्टर्स डे और CA डे पर जैनम जीविका फाउंडेशन की अनूठी पहल

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): 1 जुलाई यानी 'डॉक्टर्स डे' और 'चार्टर्ड अकाउंटेंट डे' के खास मौके पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर के समीप मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जैनम जीविका फाउंडेशन की 'लाइफ सेवर आर्मी' पहल के तहत एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (Blood Donation Camp) का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पूर्वांचल के सबसे बड़े मेडिकल सेंटर बीएचयू में भर्ती थैलेसीमिया, कैंसर और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

डॉ. आशुतोष सिंह ने पेश की मिसाल, 52वीं बार किया रक्तदान

शिविर का संचालन सर सुंदरलाल चिकित्सालय (SSH, BHU) के ब्लड सेंटर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। 'भदैनी मिरर' से खास बातचीत में डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि वह साल में चार बार (1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर) नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। डॉक्टर्स डे के दिन उन्होंने अपने जीवन का 52वां रक्तदान पूरा किया। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा, "जब आप नियमित रक्तदान करते हैं, तो ब्लड बैंक हमेशा संकट के लिए तैयार रहता है। हमें जरूरत पड़ने पर नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए ताकि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त मिल सके।"

युवाओं और सामाजिक संस्थाओं ने दिखाया भारी उत्साह

इस शिविर में 100 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें खबर लिखे जाने तक करीब 35 से अधिक यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान हो चुका था। शिविर में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स के सीए (CA) की तैयारी कर रहे छात्रों, मेडिकल प्रोफेशनल्स और मारवाड़ी युवा मंच की महिला सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हालांकि, कई उत्साही लोग जो रक्तदान करना चाहते थे, वे चिकित्सीय कारणों (Deferral) से डोनेट नहीं कर पाए।

इन संस्थाओं का रहा सराहनीय सहयोग

इस पुनीत और जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में कई प्रमुख सामाजिक संगठनों ने अपना कंधा लगाया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • मां मिथिलेश मेमोरियल ट्रस्ट

  • मारवाड़ी युवा मंच (अन्नपूर्णा शाखा)

  • दीक्षांश काशी अंश फाउंडेशन

सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से हुआ संग्रह

डॉ. आशुतोष सिंह की अगुवाई में आई कुशल चिकित्सकीय टीम ने पूरी वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रक्रिया के तहत रक्तदाताओं की जांच की और रक्त संग्रहित किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, डॉक्टरों की टीम और स्वयंसेवकों का आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कैंप लगातार लगाने का संकल्प दोहराया।