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Apex Varanasi में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता सत्र: समय पर पहचान और पूरा इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक संभव

World TB Day पर आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने टीबी के लक्षण, जांच, उपचार और पोषण पर दी अहम जानकारी

 

वाराणसी के Apex Super Speciality Hospital Varanasi में World TB Day के अवसर पर टीबी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चेस्ट एवं टीबी विभाग, क्लिनिकल न्यूट्रिशन, तथा पैरामेडिकल संस्थान के विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ हॉस्पिटल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मरीजों के परिजन, नर्सिंग स्टाफ, फिजियोथेरेपी और पैरामेडिकल डिप्लोमा के छात्र-छात्राएं एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम के दौरान चेस्ट एवं टीबी विशेषज्ञ डॉ. नवीन कुमार ने टीबी के लक्षण, संक्रमण के कारण, रोकथाम और उपचार की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

क्लिनिकल डाइटिशियन अन्वेशा मजूमदार ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और रिकवरी में मदद मिलती है।

इसके साथ ही सीटी स्कैन ट्यूटर अमन कुमार और एमआरआई विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक कुमार ने आधुनिक जांच तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला और बताया कि समय पर सही जांच से टीबी की पहचान आसान हो जाती है।

सहभागितापूर्ण रहा सत्र

कार्यक्रम का संचालन कार्डियोलॉजी ट्यूटर निकिता द्वारा किया गया, जिन्होंने सत्र को इंटरैक्टिव बनाते हुए प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा।

“टीबी छुपाएं नहीं, इलाज संभव”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने कहा कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर जांच और पूरा इलाज कराने से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर बीमारी को छुपाएं नहीं, बल्कि तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

जागरूकता ही है बचाव

अंत में उपस्थित सभी लोगों से टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने की अपील की गई, ताकि समाज से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।