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विश्व स्पाइन दिवस पर एपेक्स हॉस्पिटल की अनूठी पहल: 26 मरीजों की निःशुल्क स्पाइन सर्जरी कर अभियान का सफल समापन

प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के नेतृत्व में उन्नत सीटी ओ-आर्म नेविगेशन तकनीक से हुईं जटिल सर्जरियां; डिस्चार्ज के साथ मरीजों को मिले रीढ़ की सेहत के खास टिप्स

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। विश्व स्पाइन दिवस के पावन अवसर पर एपेक्स हॉस्पिटल एडवांस्ड स्पाइन सेंटर द्वारा "स्वस्थ रीढ़, सक्रिय जीवन" के संदेश के साथ अक्टूबर माह में आयोजित '26 निःशुल्क स्पाइन सर्जरी अभियान' का शुक्रवार को सफल समापन हो गया। अभियान के तहत सभी सर्जरियों के सफल संपादन के बाद मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ और स्थिर अवस्था में डिस्चार्ज किया गया।
यह पूरा अभियान एपेक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की अध्यक्षता में संचालित किया गया था।


आधुनिक तकनीकों से हुआ जटिल सर्जरियों का संपादन

वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. स्वरूप पटेल एवं डॉ. अमन वर्मा के कुशल संचालन तथा फेलोशिप स्पाइन सर्जरी के सीनियर रेजिडेंट्स चिकित्सकों-डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. शशिधर एवं डॉ. बासित के समन्वय में यह अभियान सफलता के नए आयाम तक पहुंचा।


सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग किया गया, जिनमें मुख्य रूप से सीटी ओ-आर्म नेविगेशन (CT O-Arm Navigation) एवं न्यूरो मॉनिटरिंग, उन्नत माइक्रोस्कोप और लेटेस्ट एंडोस्कोपिक तकनीक
इन जटिल स्पाइन समस्याओं का हुआ सफल इलाज शामिल हैं।
 

अभियान के दौरान विशेषज्ञों की टीम ने कई प्रकार की गंभीर और जटिल रीढ़ की समस्याओं का उपचार किया:
 

 * रीढ़ के टेढ़ेपन (Scoliosis) और कूबड़ को ठीक करना।
 * गर्दन (सर्विकल स्पाइन) और खोपड़ी-गर्दन के जोड़ पर नसों का दबाव हटाकर स्क्रू-रॉड से स्थिरीकरण।
 * दो छोटे छेदों (की-होल) के जरिए कैमरे (एंडोस्कोप) की मदद से कमर की दबी नसों और डिस्क का उपचार।
 * रीढ़ के दबे या टूटे हुए मोहरों (Vertebral Fractures) में विशेष बोन सीमेंट भरकर मजबूती देना।
 * पेट की ओर से पहुंचकर (Anterior Approach) कमर की खराब डिस्क हटाना और रीढ़ की हड्डियों को जोड़ना।

 

विशेषज्ञों ने दिए स्वस्थ रीढ़ के टिप्स
 

मरीजों को डिस्चार्ज करते समय डॉक्टरों की टीम ने "सक्रिय जीवन एवं स्वस्थ रीढ़" बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह भी दीं:
 

 * सही पोस्चर (Postural Care): उठते, बैठते और चलते समय शरीर की मुद्रा सही रखें।
 * नियमित व्यायाम: रीढ़ की हड्डी की मजबूती के लिए प्रतिदिन हल्का व्यायाम जरूर करें।
 * सिटिंग ब्रेक: लंबे समय तक एक ही जगह लगातार बैठने से बचें और बीच-बीच में थोड़ा टहलें।

एपेक्स हॉस्पिटल की इस मानवीय एवं सामाजिक पहल की क्षेत्र में काफी सराहना की जा रही है, जिससे कई गरीब व जरूरतमंद मरीजों को नया और दर्द-मुक्त जीवन मिला है।