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फुटपाथ पर सोने से कंधाला के आलीशान बंगले तक: जावेद अख्तर ने सुनाया संघर्ष का सफर, शबाना आज़मी ने बताईं रोज़ की ‘लड़ाइयां’

फराह खान के व्लॉग में खुला जावेद-शबाना का कंधाला घर, भूख और गरीबी से शुरू होकर सफलता तक की कहानी आई सामने

 

मुंबई |  हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने हाल ही में अपने संघर्ष भरे अतीत को याद करते हुए भावुक कर देने वाला खुलासा किया है। फराह खान के लोकप्रिय कुकिंग व्लॉग में अपनी पत्नी और अभिनेत्री शबाना आज़मी के साथ नजर आए जावेद अख्तर ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें फुटपाथ पर सोना पड़ा और कई-कई दिनों तक भूखे रहना पड़ा।

फराह खान जब जावेद-शबाना के कंधाला स्थित आलीशान बंगले का टूर करवा रही थीं, तब उन्होंने जावेद अख्तर से पूछा कि आज इतनी शानदार संपत्ति के मालिक बनने पर उन्हें कैसा महसूस होता है। इस पर जावेद अख्तर ने कहा, “कभी-कभी मुझे खुद यकीन नहीं होता कि यह मेरे साथ हो रहा है। जिनके पास कुछ नहीं होता, वही सपने देखते हैं। मैंने कविता *‘भूख’* तब लिखी थी जब मैं तीन दिन तक कुछ खा नहीं पाया था।”

उन्होंने आगे कहा कि इंसान चाहे जिंदगी में कितने ही बड़े घरों में क्यों न रहने लगे, लेकिन उसके दिल में हमेशा एक छोटा-सा कमरा बसता है, जिसे वह कभी भूल नहीं पाता।

कंधाला बंगले को लेकर शबाना-जावेद की नोकझोंक

शबाना आज़मी ने बताया कि उन्होंने यह प्रॉपर्टी करीब 15 साल पहले खरीदी थी। बंगले की जमीन पर मौजूद एक 150 साल पुराने पेड़ ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने इसे खरीदने का फैसला कर लिया। हालांकि, घर के साइज को लेकर जावेद और शबाना के बीच रोज़ बहस होती थी।

शबाना ने हंसते हुए कहा, “मैं इसे एक वीकेंड कॉटेज बनाना चाहती थी, लेकिन जावेद यहां एक भव्य बंगला बना रहे थे। हम रोज़ लड़ते थे। फिर उनके एक दोस्त ने कहा—‘जावेद अख्तर शोले हैं और तुम अंकुर, दोनों कभी नहीं मिलेंगे।’ इसके बाद मैंने लड़ना बंद कर दिया।”

शबाना आज़मी का सादा बचपन

शबाना आज़मी ने भी अपने संघर्ष भरे बचपन को याद किया। उन्होंने बताया कि वह कम्युनिस्ट पार्टी के एक कम्यून में रहती थीं, जहां आठ छोटे-छोटे कमरों में आठ परिवार रहते थे और सभी के लिए सिर्फ एक बाथरूम और एक टॉयलेट था।

उन्होंने कहा,  “मैं नौ साल की उम्र तक वहीं रही। उसके बाद हम मुंबई शिफ्ट हुए। मेरी शुरुआत बहुत साधारण रही है।”


अंदर से ऐसा है जावेद-शबाना का कंधाला बंगला

कंधाला स्थित यह लग्ज़री बंगला हरियाली से घिरा हुआ है। बड़े गार्डन में संगमरमर की मूर्तियां और बीच में फव्वारा है। घर के अंदर ऊंची लकड़ी की छत वाला विशाल फोयर है, जो किसी अंग्रेज़ी बंगले जैसा अहसास देता है। ड्रॉइंग रूम में दुनियाभर की यात्राओं से लाए गए कीमती आर्टिफैक्ट्स सजे हैं, जबकि विशाल लकड़ी की डाइनिंग टेबल इसकी शान बढ़ाती है।

यह पहली बार है जब जावेद अख्तर और शबाना आज़मी ने अपने कंधाला बंगले की झलक सार्वजनिक रूप से दिखाई है, जिसने उनके प्रशंसकों को न सिर्फ उनका आलीशान जीवन दिखाया, बल्कि संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर भी।