'कांटे' और 'शूटआउट' फेम बॉलीवुड निर्देशक संजय गुप्ता का 57 की उम्र में निधन, केआरके (KRK) ने जताया दुख
आतिश, कांटा और काबिल जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से सिनेमा जगत में शोक की लहर
मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अपनी विशिष्ट शैली, अंडरवर्ल्ड आधारित थ्रिलर और एक्शन फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले संजय गुप्ता के जाने से हिंदी सिनेमा जगत में गहरा शोक व्याप्त है। हालांकि, उनके निधन के कारणों को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और उनके परिवार व करीबियों के बयान का इंतजार किया जा रहा है।
कमाल आर खान (KRK) ने जताया शोक
संजय गुप्ता के निधन की जानकारी साझा करते हुए फिल्म समीक्षक और अभिनेता कमाल आर खान (KRK) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। KRK ने लिखा- "RIP संजय भाई। मुझे यकीन नहीं हो रहा कि आप हमें छोड़कर चले गए। हम लगभग हर दूसरे दिन बॉलीवुड और फिल्मों पर चर्चा करते थे। आपको हर विषय की गहराई से जानकारी थी। मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ संजय, और आपको हर दिन याद करूँगा भाई।"
'आतिश' से शुरु हुआ यादगार सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में संजय दत्त और आदित्य पंचोली स्टारर एक्शन-ड्रामा फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने साबित कर दिया था कि वे हार्ड-हिटिंग एक्शन और दमदार संवादों वाले सिनेमा के मास्टर हैं। बाद के सालों में उन्होंने मुंबई अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया पर आधारित कई बेहतरीन फिल्में बनाईं।
'कांटे' ने दिलाई थी कल्ट थ्रिलर की पहचान
वर्ष 2002 में आई फिल्म 'कांटे' (Kaante) संजय गुप्ता के करियर की सबसे ऐतिहासिक फिल्मों में से एक मानी जाती है। अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव की मुख्य भूमिकाओं वाली इस मल्टी-स्टारर हीस्ट थ्रिलर फिल्म को आज भी कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल है।
अंडरवर्ल्ड थ्रिलर्स से बनाई अलग पहचान
संजय गुप्ता का सिनेमाई सफर हमेशा से अपराध और गैंगस्टर ड्रामा के इर्द-गिर्द घूमता रहा। उन्होंने 'मुसाफिर' (2004), 'शूटआउट एट लोखंडवाला' (2007) (बतौर निर्माता) और 'शूटआउट एट वडाला' (2013) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाईं। इसके अलावा उन्होंने ऋतिक रोशन स्टारर एक्शन-रिवेंज ड्रामा 'काबिल' (2017) और जॉन अब्राहम-इमरान हाशमी स्टारर 'मुंबई सागा' (2021) का भी सफल निर्देशन किया था।
संजय गुप्ता का जाना हिंदी सिनेमा में एक शैली (Genre) के दौर का अंत माना जा रहा है। भदैनी मिरर परिवार उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है।