21 साल में 25 ट्रांसफर! IAS तुकाराम मुंढे की मुरीद हुईं देवोलीना भट्टाचार्जी, जानें क्यों चर्चा में हैं सख्त अफसर
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर बनते ही तुकाराम मुंढे ने रेस्तरां और मिलावटखोरों पर चलाया हंटर, 50 करोड़ का स्टॉक जब्त; टीवी एक्ट्रेस ने की जमकर तारीफ
भदैनी मिरर (नेशनल / एंटरटेनमेंट डेस्क): आमतौर पर किसी प्रशासनिक अधिकारी की पहचान उसके पद से बनती है, लेकिन आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (IAS Tukaram Munde) के मामले में कहानी बिल्कुल उल्टी है। वे जिस भी पद पर बैठते हैं, अपने कड़े फैसलों और कार्यशैली से उसे चर्चा के केंद्र में ला देते हैं।
हाल ही में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर का पद संभालने के बाद मुंढे ने पूरे राज्य के होटल, रेस्तरां, थोक विक्रेताओं और मिलावटखोरों के खिलाफ जिस तरह का चाबुक चलाया है, उसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। 'साथ निभाना साथिया' फेम टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी भी उनकी मुरीद हो गई हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इस दबंग अफसर की जमकर तारीफ की है।
देवोलीना भट्टाचार्जी ने X (ट्विटर) पर क्या लिखा?
सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर बेबाकी से राय रखने वाली एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने आईएएस तुकाराम मुंढे की तारीफ करते हुए लिखा:
"सोचिए... एक ईमानदार अफसर ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है और लोग उनके काम की तारीफ कर रहे हैं। अगर हर विभाग में उनके जैसे अफसर हों, तो अपराधी कानून तोड़ने से पहले सौ बार सोचेंगे। अफसोस की बात है कि न्यायपालिका के अनुसार, खाने में तीन कॉकरोच मिलने पर भी लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता। और हम सब जानते हैं कि मुंढे सर का कितनी बार एक जगह से दूसरी जगह तबादला किया गया है। ईमानदारी की कीमत अक्सर बहुत अधिक चुकानी पड़ती है। उम्मीद है कि उन्हें यहां इतनी देर तक काम करने का मौका मिलेगा कि वे सारी गड़बड़ियों को हमेशा के लिए ठीक कर सकें।"
21 साल की नौकरी में 25 बार ट्रांसफर!
आईएएस तुकाराम मुंढे का करियर ग्राफ उनके काम जितना ही सुर्खियों में रहता है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी मुंढे की 21 साल की सर्विस के दौरान 25 बार तबादला हो चुका है। तबादलों की यह संख्या उनकी ईमानदारी और सख्त मिजाज की पहचान बन चुकी है। हालांकि, बार-बार हुए इन ट्रांसफर के बाद भी उनके तेवर में रत्ती भर बदलाव नहीं आया है।
पद संभालते ही हड़कंप: 1,100 से ज्यादा छापे, ₹50 करोड़ का माल जब्त
महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर का कार्यभार संभालते ही उन्होंने कड़े कदम उठाए:
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ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण: एफडीए की टीम ने पूरे राज्य में 1,131 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की (औसतन प्रतिदिन 20 से अधिक छापे)।
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करोड़ों की जब्ती: करीब ₹49.57 करोड़ का मिलावटी या संदिग्ध खाद्य स्टॉक जब्त किया गया, जिसमें 1.6 लाख लीटर कथित मिलावटी दूध शामिल है।
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मशहूर रेस्तरां पर कार्रवाई: एफडीए ने अब तक 56 रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित किए हैं। इनमें मुंबई का 73 साल पुराना 'के. रुस्तम एंड कंपनी', सदी पुराना 'नूर मोहम्मदी', 'शालीमार' और 'पारसी डेयरी फार्म' जैसे नामचीन ब्रांड्स शामिल हैं।
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मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई: गुटखा और अवैध नशीले कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त मकोका कानून के तहत मामले दर्ज किए गए।
BKC मुख्यालय में जनता दरबार और त्वरित सुनवाई
बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित एफडीए मुख्यालय में कमिश्नर तुकाराम मुंढे हर कार्य दिवस शाम 4 से 5 बजे के बीच आम जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। इस 'जनता दरबार' में कोई भी आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर सीधे उनसे मिल सकता है। हालांकि, वे साफ कर चुके हैं कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
गांव की पगडंडियों से UPSC की टॉप-20 रैंक तक का सफर
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प्रारंभिक जीवन: 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताडसोना गांव में एक किसान परिवार में जन्मे तुकाराम मुंढे का बचपन खेतों में मेहनत और जिला परिषद के स्कूल में पढ़ाई करते हुए बीता।
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शिक्षा और सफलता: डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने साल 2004 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 20वीं रैंक (AIR 20) हासिल की और 2005 में आईएएस अधिकारी बने।
जमीनी हकीकत से जुड़े होने के कारण ही वे प्रशासनिक समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उन पर बिना किसी दबाव के कड़ा एक्शन लेते हैं।