वाराणसी: आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर संगोष्ठी
"वर्तमान समय में हिंदी की प्रासंगिकता एवं संभावनाएँ" विषय पर हुआ मंथन; रोजगार और तकनीक से हिंदी को जोड़ने पर विशेषज्ञों ने दिया बल
वाराणसी / भदैनी मिरर: राष्ट्रीय हिंदी दिवस के पावन अवसर पर सोमवार (14 सितंबर 2026) को आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का मुख्य विषय "वर्तमान समय में हिंदी की प्रासंगिकता एवं संभावनाएँ" रहा।
कार्यक्रम का गरिमामय शुभारंभ महाविद्यालय की सी.एम.ओ. (CMO) श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय तथा प्राचार्य श्री राम नरेश शर्मा द्वारा आचार्य सीताराम चतुर्वेदी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
रोजगार, तकनीक और वैश्विक संवाद की भाषा है हिंदी
संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन डॉ. प्रतिमा राय द्वारा किया गया, जिसके बाद मुख्य वक्ता के रूप में प्राचार्य राम नरेश शर्मा ने हिंदी भाषा के महत्व और उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, आधुनिक तकनीक और वैश्विक संवाद की एक सशक्त भाषा के रूप में तेजी से उभर रही है।
मेधावी छात्राओं को मिला सम्मान
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में पूर्व में आयोजित भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता और मौलिक रचना प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभाशाली छात्राओं को सी.एम.ओ. श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय एवं प्राचार्य द्वारा पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी का कुशल संचालन सुश्री अनामिका तिवारी द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम के अंत में डॉ. सोफिया खानम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।