Varanasi News: आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन व पं. सीताराम चतुर्वेदी को दी गई पुष्पांजलि; निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय और प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा ने बताया शिक्षक का महत्व
भदैनी मिरर (शिक्षा डेस्क): वाराणसी के रामनगर (डोमरी) स्थित 'आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय' में शिक्षक दिवस का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भारत के पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एवं महाविद्यालय के प्रेरणास्रोत आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खेल प्रतियोगिताएं बनीं आकर्षण
शिक्षक दिवस के अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विविधतापूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किए:
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रंगारंग कार्यक्रम: छात्राओं ने सुमधुर गीत, मनमोहक नृत्य और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से गुरु-शिष्य परंपरा का सुंदर संदेश दिया।
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खेल व गतिविधियां: इस दौरान विशेष खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी छात्राओं के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।
"ज्ञान के प्रकाश से जीवन आलोकित करता है शिक्षक" - प्रो. कल्पलता पाण्डेय
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि "शिक्षक ही राष्ट्र का सच्चा निर्माता होता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन हम सभी के लिए एक आदर्श प्रेरणास्रोत है। एक सच्चा शिक्षक ही विद्यार्थी के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसके जीवन को ज्ञान की रोशनी से आलोकित करता है।"
वहीं, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "शिक्षक दिवस मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि गुरुओं के प्रति आदर और निष्ठा प्रकट करने का दिन है। छात्राओं द्वारा प्रदर्शित उत्साह और समर्पण अत्यंत सराहनीय है।"
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य द्वारा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।