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वाराणसी के बाल विद्यालय में तनाव प्रबंधन शिविर, बच्चों को ध्यान और एकाग्रता के गुर सिखाए 

मुंबई और गुरुग्राम से आए विशेषज्ञों ने बच्चों को तनाव मुक्त रहने के तरीके बताए, मोबाइल के सदुपयोग और पढ़ाई पर फोकस करने का दिया संदेश।

 
वाराणसी। बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, डोमरी, वाराणसी में शुक्रवार को तनाव प्रबंधन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुंबई से आई गुंजन, गीतांजली तुतेजा तथा गुरुग्राम से आए अमृतपाल सोढ़ी ने बच्चों को तनावमुक्त रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
विशेषज्ञों ने बच्चों को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि जब इंसान का मन शांत होता है तो जीवन का रास्ता स्पष्ट दिखाई देता है। ध्यान (Meditation) से आंतरिक शक्तियों से जुड़ाव होता है, शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है और एकाग्रता व दूरदर्शिता में सुधार आता है। उन्होंने बताया कि ध्यान न केवल मन को शांत करता है बल्कि सम्पूर्ण अस्तित्व को ऊर्जावान बनाता है।
प्रशिक्षकों ने मोबाइल के अंधाधुंध उपयोग से बचने और केवल उपयोगी कार्यों में उसका सदुपयोग करने की सीख दी। साथ ही, बच्चों को सोशल मीडिया की लत से दूर रहने, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और परीक्षा व मानसिक दबाव से उबरने के लिए जरूरी टिप्स दिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या नीता त्रिपाठी ने विशेषज्ञ टीम का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।