रियल लाइफ '12th Fail': 12वीं में फेल होने के बाद आदिवासी लड़के ने क्रैक किया JEE Advanced, अब IIT खड़गपुर में मिला दाखिला
एमपी के बड़वानी के चेतन सोलंकी ने दोहराई IPS मनोज शर्मा जैसी कहानी; बिना कोचिंग, गांव में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई से पाई ST वर्ग में 1309वीं रैंक
शिक्षा एवं करियर (भदैनी मिरर): मशहूर फिल्म '12th Fail' की कहानी तो आपने देखी ही होगी, जिसमें चंबल के मनोज कुमार शर्मा तमाम मुश्किलों के बाद आईपीएस (IPS) अफसर बनते हैं। कुछ वैसी ही असल जिंदगी की कहानी मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के 20 वर्षीय युवा चेतन सोलंकी ने दोहराई है। एक समय 12वीं बोर्ड परीक्षा में फेल होकर गहरे सदमे में जाने वाले इस आदिवासी छात्र ने अपनी हिम्मत और कड़ी मेहनत के बल पर देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 'जेईई एडवांस्ड' (JEE Advanced) को क्रैक कर दिखाया है।
कमरे के अंधेरे से IIT खड़गपुर तक का सफर
चेतन सोलंकी बड़वानी जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर वारला तहसील के खुतवाड़ी गांव के रहने वाले हैं। इंदौर के श्रमोदय आवासीय विद्यालय से 12वीं की परीक्षा देने वाले चेतन जब फेल हुए, तो उन्हें लगा कि उनकी दुनिया खत्म हो गई। उनके चाचा और सिविल इंजीनियर ओंकार सोलंकी बताते हैं कि इस झटके के बाद चेतन घर लौट आए और खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। लेकिन इस मायूसी के बीच चेतन ने हार नहीं मानी। बिना किसी कोचिंग संस्थान, बड़े शहर या लाइब्रेरी के, उन्होंने इंटरनेट को ही अपना गुरु बनाया और ऑनलाइन कोर्सेज व सेल्फ स्टडी के जरिए पहले 12वीं पास की और फिर जेईई की तैयारी में जुट गए।
बिजली-इंटरनेट की किल्लत और खेती में पिता का हाथ बंटाना
खुतवाड़ी जैसे सुदूर ग्रामीण इलाके में बिजली और इंटरनेट की समस्या रोज की बात थी। जहाँ शहरों के बच्चों को ब्रॉडबैंड और बिना रुकावट बिजली मिलती है, वहीं चेतन को इन बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। इतना ही नहीं, पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने किसान पिता कमल सोलंकी के साथ खेतों में काम भी करते थे।
ST कैटेगरी में 1309वीं रैंक, चुना खेती से जुड़ा विषय
चेतन की इस तपस्या का फल रविवार को मिला जब आईआईटी की काउंसिलिंग में उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) में 'एग्रीकल्चर एंड फूड इंजीनियरिंग' कोर्स में सीट आवंटित हुई। जेईई एडवांस्ड में उनकी एसटी (ST) कैटेगरी में 1309वीं रैंक रही है। इंजीनियरिंग में एग्रीकल्चर फील्ड चुनने के पीछे चेतन का मकसद साफ है। उन्होंने बताया, "मेरे चाचा ने इंजीनियरिंग के बाद एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट सेक्टर में काम किया। मैं भी अपनी इस शिक्षा का इस्तेमाल देश के किसानों और खेती की बेहतरी के लिए करना चाहता हूँ।"
अब अगला लक्ष्य: यूपीएससी क्रैक कर IAS बनना
'12th Fail' फिल्म से प्रेरित होने वाले चेतन के हौसले अब सातवें आसमान पर हैं। आईआईटी में दाखिला सुरक्षित करने के बाद अब उनका अगला सपना देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) को पास कर एक आईएएस (IAS) अधिकारी बनना है। चेतन का परिवार अब उनकी 12वीं की असफलता को कोई दुखद घटना नहीं बल्कि एक टर्निंग पॉइंट मानता है। उनके परिजनों का कहना है कि अगर चेतन उस वक्त फेल न हुए होते, तो शायद उनकी असली काबिलियत और इतनी बड़ी हिम्मत कभी सामने ही नहीं आ पाती।