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NEET UG Re-Exam: पेपर लीक गैंग्स पर नकेल, सरकार की तैयारी में Google और Meta भी शामिल; जानें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

पेपर लीक और अफवाहें रोकने के लिए गूगल, मेटा और टेलीग्राम के साथ मिलकर 'फोकस्ड क्रैकडाउन' की तैयारी

 

नई दिल्ली: मेडिकल क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) के री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में है। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स और संगठित नकल के आरोपों के बाद सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने इस बार टेक जगत की दिग्गज कंपनियों—गूगल (Google), मेटा (Meta) और टेलीग्राम (Telegram) से हाथ मिलाया है। इसका मकसद इंटरनेट पर परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी, अफवाह और पैनिक फैलाने वाले पोस्ट्स को अपलोड होते ही तुरंत रोकना है।

शिक्षा मंत्री का 'फोकस्ड क्रैकडाउन' का आदेश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। शिक्षा मंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा से ठीक पहले सक्रिय होने वाले उन ऑनलाइन नेटवर्क्स पर सीधा और 'फोकस्ड क्रैकडाउन' किया जाए, जो साजिश के तहत भ्रामक खबरें फैलाते हैं।

टेलीग्राम के सीक्रेट ग्रुप्स और बॉट्स पर खुफिया नजर

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती टेलीग्राम चैनल्स, अज्ञात ग्रुप्स और एआई बॉट्स (AI Bots) से है। ये ग्रुप्स चंद व्यूज और पैसों के लालच में 'पेपर लीक' के झूठे दावे और क्लिकबेट मैसेज फैलाकर छात्रों के बीच डर का माहौल पैदा करते हैं।

खुफिया इनपुट्स में सामने आया है कि कुछ चुनिंदा फोन नंबरों के जरिए दर्जनों संदिग्ध टेलीग्राम चैनल ऑपरेट किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स पर डिजिटल सर्विलांस (निगरानी) को बेहद कड़ा कर दिया गया है। जो भी ग्रुप छात्रों को "अंदर की जानकारी" या एडवांस में पेपर देने का झांसा देगा, उस पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।

टेक कंपनियों ने मिलाया हाथ, तुरंत ब्लॉक होंगे फेक चैनल्स

राहत की बात यह है कि मेटा, गूगल और टेलीग्राम ने सरकार की इस मुहिम में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। इन कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और साइबर पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगी। जैसे ही किसी भ्रामक या फेक कंटेंट की पहचान होगी, उसे तुरंत ब्लॉक और रिमूव (हटा) कर दिया जाएगा।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सुविधाएं

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछली परीक्षा की सभी कमियों और खामियों को पूरी तरह से दूर कर लिया गया है।

  • कड़ा प्रोटोकॉल: सभी राज्यों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और मॉनिटरिंग के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

  • छात्रों की सहूलियत: री-एग्जाम के दिन परीक्षार्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन (आवाजाही), पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

आखिर क्यों हो रहा है नीट री-एग्जाम?

गौरतलब है कि 3 मई को देश भर में आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा के बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। इसके अलावा ग्रेस मार्क्स विवाद और संगठित नकल के मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। चौतरफा विवाद के बाद सरकार ने पुरानी परीक्षा से जुड़े संशय को खत्म करते हुए री-एग्जाम कराने का फैसला लिया, ताकि योग्य छात्रों के साथ न्याय हो सके।