NEET UG Re-Exam 2026: एनटीए ने जारी की नीट यूजी री-एग्जाम की आंसर की, आपत्ति दर्ज कराने के लिए खोली चैलेंज विंडो
28 जून तक उम्मीदवार दर्ज करा सकते हैं आपत्ति, प्रति सवाल लगेगी 200 रुपये फीस; दावा सही होने पर वापस मिलेगी पूरी रकम
भदैनी मिरर न्यूज नेटवर्क: देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) कोर्स में दाखिले के लिए 21 जून को आयोजित हुई नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के परीक्षार्थियों का इंतजार अब खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की (Provisional Answer Key) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इसके साथ ही, एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए आंसर की चैलेंज विंडो (Challenge Window) भी ओपन कर दी है।
यदि किसी छात्र को लगता है कि एनटीए द्वारा जारी किसी सवाल का जवाब गलत है, तो वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज कराने की यह सुविधा 28 जून की रात 11:50 बजे तक ही लाइव रहेगी।
आंसर की को कैसे करें चैलेंज? जानें पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
अगर आपने भी 21 जून को आयोजित नीट री-एग्जाम दिया है और आपको किसी उत्तर पर संदेह है, तो आप नीचे दी गई प्रक्रिया के तहत अपना चैलेंज सबमिट कर सकते हैं:
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लॉग-इन करें: सबसे पहले उम्मीदवारों को नीट (NEET) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्रेडेंशियल्स के जरिए लॉग-इन करना होगा।
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कोड दर्ज करें: लॉग-इन के बाद, आपको अपनी टेस्ट बुकलेट के कवर पेज पर दिए गए 'क्वेश्चन पेपर सीरीज कोड' को दर्ज करना होगा।
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सवालों का चयन: कोड डालते ही स्क्रीन पर प्रश्नों की पूरी सूची खुल जाएगी। यहाँ से आप उन विशिष्ट सवालों को चुन सकते हैं जिन पर आप आपत्ति जताना चाहते हैं।
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दस्तावेजी सबूत (Evidence): सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रों को अपने दावे के समर्थन में एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों या किसी अन्य मान्यता प्राप्त प्रामाणिक टेक्स्टबुक का डॉक्यूमेंट्री प्रूफ स्कैन करके अपलोड करना होगा। किसी कोचिंग संस्थान के नोट्स या इंटरनेट की रैंडम जानकारी को साक्ष्य नहीं माना जाएगा।
फीस और रिफंड की क्या है व्यवस्था?
एनटीए के नियमों के मुताबिक, प्रत्येक प्रश्न को चैलेंज करने के लिए उम्मीदवारों को 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। यह भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन मोड में करना होगा। बिना फीस जमा किए किसी भी चुनौती पर विचार नहीं किया जाएगा।
राहत की बात यह है कि यदि एनटीए के विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की जांच में छात्र का दावा सही पाया जाता है, तो यह 200 रुपये की फीस सीधे उम्मीदवार के खाते में वापस (Refund) कर दी जाएगी। एजेंसी ने छात्रों को आगाह किया है कि फॉर्म केवल एक ही बार सबमिट हो सकता है, इसलिए पेमेंट करने से पहले सभी विवरणों को अच्छी तरह जांच लें।
वक्त बचाने के लिए NTA की नई रणनीति, जल्द आएगा रिजल्ट
आमतौर पर आंसर की पर आई आपत्तियों के निपटारे के कारण अंतिम परिणाम (Final Result) में देरी हो जाती है, लेकिन इस बार एनटीए बेहद तेजी से काम कर रहा है। वक्त बचाने के लिए एजेंसी ने समानांतर रणनीति अपनाई है। एक तरफ जहां विशेषज्ञों का पैनल छात्रों की आपत्तियों की समीक्षा करेगा, वहीं दूसरी तरफ ओएमआर (OMR) आंसर शीट की स्कैनिंग का काम भी बैकएंड पर तेजी से चलता रहेगा। इस दोहरी प्रक्रिया का सीधा फायदा यह होगा कि समीक्षा पूरी होते ही बहुत कम समय के भीतर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के फाइनल नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
अफ़वाहों से बचें, यहाँ से मिलेगी तकनीकी मदद
एनटीए ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे इस संवेदनशील समय में सोशल मीडिया पर उड़ने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। परीक्षा और परिणाम से जुड़ी हर प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक नीट पोर्टल पर ही भरोसा करें। यदि किसी छात्र को आंसर की चैलेंज सबमिट करते समय कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वे एनटीए की आधिकारिक हेल्पलाइन या उनके ईमेल सपोर्ट चैनल पर संपर्क करके तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।