NEET UG 2026: अगर बायोमेट्रिक फेल हुआ तो क्या होगा? परीक्षा से पहले छात्रों और पेरेंट्स की उड़ी नींद, NTA के 'बैकअप प्लान' पर सवाल
बड़ी चिंता: 3 मई को होने वाली परीक्षा से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन बना सिरदर्द, 24 लाख छात्र होंगे शामिल।
दिल्ली (भदैनी मिरर): मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के आयोजन में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं। 3 मई को होने वाली इस महापरीक्षा के लिए देश भर के करीब 24 लाख छात्र जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। लेकिन इस बार चर्चा रिवीजन या कट-ऑफ की नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र पर होने वाले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की हो रही है। पिछले साल की कड़वी यादों ने छात्रों और उनके माता-पिता की रातों की नींद उड़ा दी है।
अभिभावकों की जायज चिंता: "क्या है बैकअप प्लान?"
एक अभिभावक प्रशांत झिंगरन ने सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से एक बुनियादी सवाल पूछा है— "अगर सेंटर पर बायोमेट्रिक फेल हो गया, तो क्या होगा?" प्रशांत जैसे हजारों पेरेंट्स का डर जायज है। पिछले साल कई केंद्रों पर फिंगरप्रिंट मैच न होने, सर्वर डाउन होने और बिजली गुल होने जैसी समस्याओं के कारण छात्रों का कीमती समय बर्बाद हुआ था। नीट जैसी परीक्षा में, जहाँ एक-एक सेकंड मायने रखता है, वहाँ तकनीकी देरी छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देती है।
कोटा से दिल्ली तक पसरा तनाव
कोटा में अपनी बेटी को तैयारी करा रही वैष्णवी शर्मा कहती हैं, "बच्ची की मेहनत पर भरोसा है, लेकिन सिस्टम की मशीन पर नहीं। अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुआ और एंट्री में देरी हुई, तो क्या उस समय की भरपाई होगी?" वहीं दिल्ली के अभिभावक संजीव वर्मा ने केंद्रों पर खराब वेंटिलेशन और भीड़भाड़ के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं।
NTA की एडवाइजरी: राहत कम, टेंशन ज्यादा!
बढ़ते विवाद को देख NTA ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपना आधार बायोमेट्रिक अपडेट कर लें और वेरिफिकेशन प्रक्रिया का वीडियो देख लें। एजेंसी ने चेतावनी भी दी है कि डेटा मैच न होने पर एंट्री में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, छात्र इस सलाह को मान रहे हैं, लेकिन सवाल वही है कि अगर छात्र की कोई गलती न हो और मशीन धोखा दे दे, तो क्या एजेंसी के पास कोई 'मैनुअल' या वैकल्पिक रास्ता तैयार है?
24 लाख भविष्य दांव पर
नीट केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों का सपना है। अभिभावक किसी रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि वे एक पारदर्शी और पुख्ता सिस्टम की मांग कर रहे हैं। भदैनी मिरर के माध्यम से हम भी छात्रों को सलाह देते हैं कि वे समय रहते अपना आधार अपडेट करा लें और रिपोर्टिंग टाइम से काफी पहले सेंटर पर पहुँचें ताकि किसी भी तकनीकी अड़चन से निपटा जा सके।