NEET-UG 2026 विवाद: NTA ने रद्द की परीक्षा, नासिक से जुड़ा पेपर लीक का तार; अब CBI खोलेगी राज
नासिक बना 'पेशेंट जीरो', विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "यह युवाओं के भविष्य के खिलाफ अपराध है"
नई दिल्ली
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 विवादों के घेरे में आ गई है। प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इस मामले ने अब गंभीर राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां विपक्षी दल केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं।
कहां से शुरू हुआ खेल? नासिक से गुरुग्राम तक फैला जाल
सूत्रों और मामले की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, इस पेपर लीक का केंद्र महाराष्ट्र का नासिक (Patient Zero) बताया जा रहा है।
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लीक का रूट: नासिक से शुरू होकर यह लीक पेपर हरियाणा के गुरुग्राम और राजस्थान के जयपुर तक पहुंचा।
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मैचिंग सवाल: परीक्षा से ठीक एक दिन पहले लीक हुए प्रश्नपत्रों को खास समूहों में फैलाया गया। जांच में पाया गया कि लीक हुए बायोलॉजी के प्रश्न पत्र असली पेपर से पूरी तरह मेल खा रहे थे।
राहुल गांधी का तीखा हमला : "अमृत काल बना विष काल"
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा, "22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, बलिदान और सपनों को भ्रष्ट भाजपा सरकार ने कुचल दिया है। किसी मां ने गहने बेचे तो किसी पिता ने कर्ज लिया, लेकिन बदले में उन्हें मिला पेपर लीक और संगठित भ्रष्टाचार।" उन्होंने आगे कहा कि पीएम का 'अमृत काल' युवाओं के लिए 'विष काल' साबित हो रहा है।
अशोक गहलोत के गंभीर आरोप
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने पिछले दो हफ्तों से इस मामले को दबाने की कोशिश की और FIR तक दर्ज नहीं होने दी। हालांकि, उन्होंने जांच CBI को सौंपने और परीक्षा रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे "छात्रों के हित में उठाया गया साहसिक कदम" बताया।
मेडिकल संगठनों और ABVP ने जताई चिंता
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FAIMA : फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने इसे सिस्टम की बड़ी विफलता बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से ईमानदार उम्मीदवारों का भरोसा टूटता है।
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ABVP : आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने भी परीक्षा की शुचिता से समझौता करने को अस्वीकार्य बताया और NTA से पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की।
NTA का पक्ष और आगे की राह
NTA ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन निकायों से मिले इनपुट के आधार पर परीक्षा की अखंडता बनाए रखने के लिए इसे रद्द करना अनिवार्य था। एजेंसी अब CBI को सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपेगी ताकि साजिश की तह तक पहुंचा जा सके।
नई परीक्षा तिथि
NTA जल्द ही NEET-UG 2026 की नई तारीख की घोषणा करेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।