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वाराणसी में कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हुई NEET परीक्षा: 47 केंद्रों पर 93.36 फीसदी छात्रों ने दी परीक्षा

कुल 23,787 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा, जेपी मेहता इंटर कॉलेज के कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों को जांचने पहुंचे डीएम सत्येंद्र कुमार, चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) रविवार को वाराणसी जनपद के विभिन्न केंद्रों पर पूरी शुचिता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न हो गई। परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट की टीमें लगातार जमीन पर मुस्तैद रहीं। खुद जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने संयुक्त रूप से शहर के संवेदनशील और प्रमुख परीक्षा केंद्रों का तूफानी दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

एक पाली में परीक्षा, अनुपस्थित रहे 1693 अभ्यर्थी

दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई इस परीक्षा के लिए वाराणसी जनपद में कुल 47 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिला सूचना कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों पर कुल 25,480 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। कड़ी सुरक्षा जांच (बायोमेट्रिक और फ्रिस्किंग) के बाद परीक्षा में कुल 23,787 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 1693 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार वाराणसी में कुल 93.36 प्रतिशत बच्चों ने नीट की परीक्षा दी।

जेपी मेहता इंटर कॉलेज के डिजिटल कंट्रोल रूम पहुंचे जिलाधिकारी

परीक्षा के दौरान प्रशासनिक सतर्कता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार खुद फील्ड में डटे रहे। उन्होंने जेपी मेहता नगर निगम इंटर कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने वहां तैनात स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक से हर बारीकी की जानकारी ली। इसके बाद वे सीधे कॉलेज के कंप्यूटर कक्ष (कंट्रोल रूम) पहुंचे और वहां लाइव चल रहे सीसीटीवी कैमरों की स्क्रीन को खंगाला, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर परीक्षा कक्ष में पारदर्शी तरीके से काम हो रहा है।

फोन पर भी पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे डीएम

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्रों पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि परीक्षा समाप्ति और ओएमआर शीट की सीलिंग तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम स्वयं फोन के माध्यम से भी जिले के सुदूर क्षेत्रों में बने परीक्षा केंद्रों की पल-पल की रिपोर्ट कंट्रोल रूम से लेते रहे।

परीक्षा केंद्रों के बाहर और आसपास रही अभेद्य सुरक्षा

कमिश्नरेट पुलिस की ओर से परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात था, साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन किया गया था। प्रशासन की इस मुस्तैदी के चलते परीक्षा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्वक संपन्न हो गई, जिससे परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली।