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CBSE Class 12 Re-Evaluation 2026: सीबीएसई 12वीं री-चेकिंग और वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू, जानें जरूरी नियम और तारीखें

बोर्ड ने स्वीकारी मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका; नंबर बढ़ भी सकते हैं और घट भी, यहाँ देखें पूरा शेड्यूल

 

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में घोषित हुए कक्षा 12वीं के नतीजों के बाद उन छात्रों के लिए पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं। छात्र अब अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं (Evaluated Answer Sheets) की कॉपी प्राप्त करने, अंकों के वेरिफिकेशन (Verification of Marks) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस साल यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सीबीएसई ने खुद माना है कि करीब 1.25 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान मूल्यांकन में मानवीय त्रुटि (Evaluation Errors) होने की आशंका बनी रहती है। बता दें कि इस साल सीबीएसई 12वीं का कुल पास प्रतिशत 85.20% रहा है, जो पिछले साल के 88.39% से कम है।

स्टेप-बाय-स्टेप समझें पूरी प्रक्रिया

यदि आप अपनी कॉपी की दोबारा जांच कराना चाहते हैं, तो आपको बोर्ड द्वारा तय किए गए इन 3 स्टेप्स का पालन करना होगा:

स्टेप 1: उत्तर पुस्तिका की कॉपी के लिए करें आवेदन (19 से 22 मई)

जो छात्र अपने अंकों की समीक्षा करना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले आधिकारिक सीबीएसई पोर्टल के माध्यम से अपनी जांची गई आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई करना होगा।

  • तारीख: आवेदन की विंडो 19 मई से 22 मई तक खुली रहेगी।

  • कैसे करें: छात्र अपने बोर्ड परीक्षा क्रेडेंशियल्स (रोल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी आदि) का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और उन विषयों को चुन सकते हैं जिनकी कॉपी वे देखना चाहते हैं। सीबीएसई ने साफ किया है कि री-इवैल्युएशन के लिए यह पहला और अनिवार्य कदम है।

स्टेप 2: आंसर शीट की बारीकी से करें जांच

आंसर शीट की कॉपी मिलने के बाद छात्रों को सभी पेजों, अंकों के कुल योग (Totaling), बिना चेक किए गए उत्तरों और दिए गए नंबरों की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी। यदि कोई विसंगति (Discrepancy) पाई जाती है, तभी छात्र अगले कदम के लिए आगे बढ़ें।

सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक का बयान: सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने एक साक्षात्कार में कहा, "हम सालाना लगभग 1.25 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते हैं; ऐसे में यह संभावना हमेशा रहती है कि कहीं न कहीं कोई मानवीय चूक या गलती हो सकती है।" इसी पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए बोर्ड छात्रों को कॉपी देखने का मौका देता है।

स्टेप 3: मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन (26 से 29 मई)

उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी की पहचान करने के बाद छात्र अंकों के वेरिफिकेशन या पुनर्मूल्यांकन के लिए अंतिम आवेदन कर सकते हैं।

  • तारीख: इसके लिए आवेदन विंडो 26 मई से 29 मई तक खुली रहेगी।

  • प्रक्रिया: छात्रों द्वारा उठाई गई आपत्तियों की जांच विशेषज्ञों का एक पैनल करेगा। यदि गलती की पुष्टि होती है, तो अंकों में सुधार किया जाएगा।

छात्रों के लिए सबसे जरूरी चेतावनी: घट भी सकते हैं नंबर

सीबीएसई ने छात्रों को आगाह किया है कि री-इवैल्युएशन के बाद संशोधित स्कोर (Revised Score) अंतिम माना जाएगा, चाहे वह बढ़े या घटे।

परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट करते हुए कहा, "यह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है कि यदि किसी त्रुटि के सुधार के बाद छात्र का स्कोर पहले से कम हो जाता है, तो उसके मार्क्स उसी के अनुसार घटा दिए जाएंगे।"

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा करने के बाद ही पूरी तरह आश्वस्त होकर आवेदन करें।

  • भविष्य के संदर्भ और वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए जमा किए गए आवेदन पत्र (Application Form) और भुगतान रसीद (Payment Receipt) की प्रतियां अपने पास सुरक्षित रखें।