Aravind Srinivas Story: IIT में कंप्यूटर साइंस ना मिलने से लेकर MIT और पहले स्टार्टअप में रिजेक्शन तक
IIT मद्रास में 0.01 CGPA से छूटी थी कंप्यूटर साइंस की सीट; रिजेक्शन और असफलताओं को हथियार बनाकर अरविंद ने खड़ी की अरबों डॉलर की AI कंपनी।
वाराणसी/टेक डेस्क (भदैनी मिरर): जब छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तो अक्सर एक असफलता या रिजेक्शन उन्हें यह महसूस कराता है कि उनका भविष्य खत्म हो गया है। पसंदीदा स्ट्रीम न मिलना, ड्रीम यूनिवर्सिटी में एडमिशन न होना या पहला स्टार्टअप फ्लॉप होना किसी के लिए भी निराशाजनक हो सकता है। लेकिन 'Perplexity AI' के सह-संस्थापक और सीईओ अरविंद श्रीनिवास (Aravind Srinivas) की कहानी यह साबित करती है कि रिजेक्शन कभी आपका भविष्य तय नहीं करता।
आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों में से एक 'Perplexity AI' की कमान संभालने वाले अरविंद की जिंदगी में एक के बाद एक कई बड़े झटके आए। लेकिन हर रिजेक्शन ने उन्हें कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने का हौसला दिया।
1. IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस से रिजेक्शन और 0.01 CGPA का दर्द
देश के लाखों छात्रों की तरह अरविंद श्रीनिवास का भी सपना IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस (CSE) करने का था। हालांकि, JEE रैंक कम आने के कारण उन्हें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिला।
पहले साल के बाद उन्होंने ब्रांच चेंज सिस्टम के जरिए कंप्यूटर साइंस में जाने की कोशिश की, लेकिन मात्र 0.01 CGPA से उनका कटऑफ छूट गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद से AI और मशीन लर्निंग की पढ़ाई जारी रखी।
2. मशीन लर्निंग क्लास और MIT से भी मिला 'नो'
हौसले टूटने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। जब उन्होंने मशीन लर्निंग की क्लास अटेंड करनी चाही, तो प्रोफेसर ने यह कहकर मना कर दिया कि इलेक्ट्रिकल के छात्र इसे नहीं समझ पाएंगे। जिस विषय से उन्हें दूर रहने को कहा गया, उसी ने आगे चलकर उनका करियर बना दिया।
IIT मद्रास के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित Massachusetts Institute of Technology (MIT) में PhD के लिए अप्लाई किया, लेकिन वहां से भी उनका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो गया। इसके बाद उन्होंने UC Berkeley से PhD की और अपने रिसर्च के दौरान OpenAI, Google और DeepMind जैसी दिग्गज कंपनियों में काम किया।
3. पहला स्टार्टअप हुआ फ्लॉप
OpenAI में रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में काम करने के बाद अरविंद ने अपना पहला स्टार्टअप 'ट्विटर सर्च प्रोडक्ट' शुरू किया। लेकिन एक्स (ट्विटर) के API बदलावों के कारण यह प्रोडक्ट बंद हो गया।
असफलता को सीख बनाते हुए उन्होंने अगस्त 2022 में Perplexity AI की नींव रखी। आज Perplexity दुनिया के सबसे चर्चित AI-पावर्ड आंसर इंजन में से एक है और इसकी वैल्यूएशन अरबों डॉलर में है।
छात्रों के लिए अरविंद श्रीनिवास के 3 मूल मंत्र
UC Berkeley के एक कार्यक्रम में बोलते हुए अरविंद ने युवाओं और छात्रों को सफलता के तीन बड़े मंत्र दिए:
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स्पीड और एक्शन (Velocity over Perfection): सही समय का इंतजार करने के बजाय तेजी से काम करें। तेजी से काम करने वाले तेजी से सीखते हैं, असफल होते हैं और तेजी से आगे बढ़ते हैं।
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सीखना कभी बंद न करें (Continuous Learning): ज्ञान की एक एक्सपायरी डेट होती है। जैसे महंगाई से पैसे की वैल्यू घटती है, वैसे ही अगर आप सीखना बंद कर देंगे तो आपका ज्ञान पुराना हो जाएगा।
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जिज्ञासा ही सबसे बड़ी ताकत है (Curiosity is Everything): पढ़ाई का मतलब सिर्फ उत्तर याद करना नहीं है, बल्कि बेहतर सवाल पूछना है। हमेशा "क्यों?", "कैसे?" और "क्या होगा अगर?" पूछने की आदत डालें।