आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय ने शास्त्री जी के पैतृक आवास पर दी श्रद्धांजलि, हुई संगोष्ठी
निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय के नेतृत्व में छात्राओं व शिक्षकों ने शास्त्री चौक व पैतृक आवास पहुंचकर किया माल्यार्पण; गांधी-शास्त्री जयंती पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित हुई संगोष्ठी
वाराणसी (भदैनी मिरर): रामनगर स्थित 'आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय' में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती श्रद्धा, उल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय के नेतृत्व में छात्राओं, शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।
शास्त्री चौक और पैतृक आवास पर अर्पित की श्रद्धांजलि
जयंती के अवसर पर महाविद्यालय परिवार सबसे पहले रामनगर स्थित 'शास्त्री चौक' पहुँचा। वहाँ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय की सीएमओ अपूर्वा पाण्डेय भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
इसके पश्चात सभी छात्राएँ, शिक्षक और कर्मचारी शास्त्री जी के रामनगर स्थित ऐतिहासिक पैतृक आवास पहुँचे। वहाँ स्थापित शास्त्री जी की मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। छात्राओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के सादगीपूर्ण जीवन को दर्शाने वाले उनके पैतृक आवास का उत्सुकता से अवलोकन किया और उनके प्रेरक जीवन प्रसंगों को जाना।
संगोष्ठी में गूंजे सत्य, अहिंसा और सादगी के विचार
पैतृक आवास भ्रमण के उपरांत महाविद्यालय परिसर में गांधी जी और शास्त्री जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि बापू ने जहाँ पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा की ताकत से परिचित कराया, वहीं शास्त्री जी ने 'जय जवान, जय किसान' का अमर नारा देकर देश को आत्मनिर्भरता, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
महाविद्यालय की सीएमओ अपूर्वा पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि गांधी और शास्त्री जी के विचार आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चलकर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
इन्होंने भी व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने भी अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए और दोनों महापुरुषों के देश सेवा में दिए गए योगदान को याद किया।
समारोह का सफल संचालन डॉ. लक्ष्मी ने किया, जबकि अंत में डॉ. प्रतिमा राय ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।