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डोमरी के आचार्य सीताराम चतुर्वेदी कॉलेज में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम

योग प्रशिक्षक अनमोल ने सिखाए प्राणायाम व ध्यान के गुर, मुकुल पाण्डेय बोले— "भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है योग, इसे दिनचर्या में ढालें।"

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर रामनगर (डोमरी) स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय और बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय और महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह व हर्षोल्लास के साथ सहभागिता की।

योग प्रशिक्षक अनमोल ने दी योग के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य योग प्रशिक्षक अनमोल जी द्वारा योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किया गया। इसके बाद उनके कुशल निर्देशन में महाविद्यालय की छात्राओं, बाल विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। प्रशिक्षक अनमोल ने हर आसन की सही विधि बताते हुए उससे होने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से समझाया।

शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है नियमित योग: मुकुल पाण्डेय

इस अवसर पर उपस्थित मुकुल पाण्डेय ने विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:

"योग हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है। आज के इस दौर में नियमित योगाभ्यास ही वो माध्यम है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन अनुशासित रह सकता है।"

निरोगी समाज के संकल्प के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय एवं विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे योग को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बनाएं। इस दौरान पूरा परिसर योगमय वातावरण में सराबोर नजर आया और कार्यक्रम का समापन सभी के स्वस्थ जीवन तथा एक निरोगी समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।