रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत: मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली जमानत, कोर्ट से बाहर आते ही बोले- 'ED को सरकार चला रही है'
शिकोहपुर भूमि सौदा मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला, ₹50 हजार के मुचलके पर राहत; वाड्रा ने कहा- जब परिवार चुनाव जीतता है, तब शुरू होती है जांच
नई दिल्ली / पॉलिटिकल डेस्क। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर भूमि सौदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सुनवाई के बाद रॉबर्ट वाड्रा को जमानत दे दी है। कोर्ट से कानूनी राहत मिलने के तुरंत बाद वाड्रा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा हमला बोला है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने वाड्रा को ₹50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को मुकर्रर की गई है।
"ED को सरकार चला रही है, लेकिन न्यायपालिका पर भरोसा"
अदालत परिसर से बाहर आने के बाद मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। वाड्रा ने दो टूक शब्दों में कहा:
"मुझे इस देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। मैं अच्छी तरह जानता हूं कि ईडी (ED) को मौजूदा सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है और यह एजेंसी पूरी तरह से सरकार के इशारों पर ही काम करती रहेगी। सरकार के प्रभाव में ईडी की तरफ से जो कुछ भी किया जा रहा है, वह बिल्कुल उचित नहीं है। इसके बावजूद मेरा अटूट विश्वास देश की न्यायपालिका में है।"
जीत के बाद शुरू होता है जांच का खेल: वाड्रा
कार्रवाई के समय को लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने इसे सीधे तौर पर राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उनका परिवार चुनाव जीतता है या राजनीतिक रूप से अच्छा प्रदर्शन करता है, तब-तब उन्हें और उनके परिवार को इस तरह की सरकारी जांचों का सामना करने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि देश के लोग अब भी उनके परिवार को चाहते हैं और प्यार देते हैं, तो स्वाभाविक है कि विरोधियों की तरफ से उन्हें इस तरह की परिस्थितियों में धकेला जाएगा।
खुद को पूरी तरह निडर बताते हुए वाड्रा ने कहा, "मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। मैं हर परिस्थिति और हर जांच का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हूं।"
कानूनी प्रक्रिया से भागने वाले नहीं, जांच में करेंगे पूरा सहयोग
वाड्रा ने साफ किया कि वे देश के कानून का सम्मान करते हैं और कानूनी प्रक्रियाओं से भागने वाले इंसान नहीं हैं। उन्होंने आने वाले समय में भी जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात दोहराई।
क्या है शिकोहपुर भूमि सौदा मामला?
यह पूरा विवाद हरियाणा के शिकोहपुर में हुए एक जमीन सौदे से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस कमर्शियल लैंड डील में नियमों की अनदेखी की गई और अवैध तरीके से वित्तीय लाभ कमाया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के कोण से जांच कर रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बीच राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली यह अंतरिम राहत वाड्रा और कांग्रेस परिवार के लिए कानूनी मोर्चे पर बेहद अहम मानी जा रही है।