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Photos: NASA की अस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने रिटायरमेंट पर IIT दिल्ली में साझा किए अपने अंतरिक्ष अनुभव

27 साल के गौरवशाली करियर के बाद सुनीता विलियम्स ने रिटायरमेंट ली, IIT दिल्ली में छात्रों और फैकल्टी को बताया अंतरिक्ष में जीवन और भारतीय खाद्य अनुभव

 

नई दिल्ली, भदैनी मिरर। NASA की वरिष्ठ अस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स ने 27 साल के गौरवशाली करियर के बाद 27 दिसंबर 2025 से रिटायरमेंट ले लिया। 608 दिन अंतरिक्ष में बिताने वाली विलियम्स ने इस अवसर पर भारत दौरा किया और हाल ही में IIT दिल्ली में छात्रों और फैकल्टी के साथ संवाद किया।

IIT दिल्ली में कार्यक्रम

विलियम्स ने अपने अंतरिक्ष मिशनों के अनुभव साझा किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान की चुनौतीपूर्ण और रोमांचक प्रकृति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनका हालिया मिशन, जो आठ दिन का था, तकनीकी समस्याओं के कारण नौ महीने लंबा हो गया। इस दौरान वे और उनके सह-अस्ट्रोनॉट बच विलमोर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहे।

विलियम्स ने मानव व्यवहार, सामग्री विज्ञान और चिकित्सा पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा,"जब आप गुरुत्वाकर्षण से मुक्त होते हैं, तो चीज़ों को समझने का तरीका बदल जाता है। इससे हमें खुद और ब्रह्मांड के बारे में अधिक जानने का अवसर मिलता है।"


अंतरिक्ष में भारतीय भोजन का अनुभव

विलियम्स ने भारतीय भोजन के साथ अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि अंतरिक्ष में भारतीय व्यंजन खोलना और अपने क्रू मेंबर्स के साथ साझा करना बेहद खास था। उन्होंने जोड़ा, "खाना लोगों को जोड़ता है, यहां तक कि अंतरिक्ष में भी।"


शानदार अंतरिक्ष रिकॉर्ड

विलियम्स ने 9 अंतरिक्ष वॉक की हैं, कुल 62 घंटे 6 मिनट अंतरिक्ष में बिताए – जो किसी महिला अस्ट्रोनॉट द्वारा सबसे अधिक हैं और NASA इतिहास में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने अंतरिक्ष में पहला मैराथन दौड़ने का भी रिकॉर्ड बनाया।

उनकी तीन अंतरिक्ष मिशन थीं:

1. Space Shuttle Discovery – दिसंबर 2006
2. जुलाई 2012 मिशन
3. Boeing Starliner मिशन – जून 2024 में शुरू, 9 महीने लंबा

विलियम्स वर्तमान में अमेरिका के सबसे लंबे एकल अंतरिक्ष मिशनों की सूची में छठे स्थान पर हैं।

भारतीय जड़ें

सुनीता विलियम्स का पिता, एक न्यूरोएनाटोमिस्ट, गुजरात के मेहसाना जिले के झूलासन गांव से हैं। उनकी मां स्लोवेनियाई मूल की हैं।

IIT दिल्ली के अलावा, उन्होंने American Center, India में आयोजित "Eyes on the Stars, Feet on the Ground" कार्यक्रम में कहा: "अंतरिक्ष से पृथ्वी देखना यह सिखाता है कि लोग और उनकी अलग-अलगता असली में मायने नहीं रखते। हम सब एक हैं।"

सुनीता विलियम्स का दौरा और उनके अनुभव भारत के छात्रों और युवाओं के लिए अंतरिक्ष और विज्ञान में करियर की प्रेरणा साबित होंगे।