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दिल्ली लक्ष्मी योजना: MP या MLA की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी आर्थिक सहायता, रेखा गुप्ता सरकार ने जोड़ी नई शर्त

जानें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और नियम

 

नई दिल्ली (भदैनी मिरर): दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'लक्ष्मी योजना' के तहत पंजीकरण प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। योजना का पोर्टल लाइव होते ही शुरुआती 12 घंटों के भीतर 30,000 से अधिक महिलाओं ने आवेदन कर अपना उत्साह जताया है। हालांकि, योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक बेहद अहम शर्त लागू की है—आवेदक को अपने क्षेत्र के सांसद (MP) या विधायक (MLA) से एंडोर्समेंट लेटर (समर्थन पत्र) लेकर जमा करना अनिवार्य होगा। इस पत्र के बिना वित्तीय सहायता राशि स्वीकृत नहीं की जाएगी।

ईस्ट दिल्ली DM कार्यालय से पोर्टल का शुभारंभ

शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ईस्ट दिल्ली डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कार्यालय से इस विशेष ऑनलाइन पोर्टल को लॉन्च किया।

  • मासिक वित्तीय सहायता: योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह दिए जाएंगे।

  • नई पात्रता शर्त: सांसद या विधायक का समर्थन पत्र जमा करना आवेदन प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।

पहले ही दिन हजारों आवेदन, MP/MLA लेटर का इंतजार

पोर्टल की शुरुआत के साथ ही महिलाओं की भारी भीड़ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उमड़ पड़ी:

  • कुल शुरुआती रजिस्ट्रेशन: 33,700 से अधिक महिला उम्मीदवार।

  • पूर्ण आवेदन: लगभग 1,940 महिलाओं ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

  • अटके आवेदन: करीब 9,170 आवेदनों को सांसद या विधायक के एंडोर्समेंट लेटर के कारण रोका गया है।

सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से दिल्ली की लगभग 17 लाख महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें डायरेक्ट बेनिफिट देना है।

खाते में कैसे आएंगे पैसे? (भुगतान के विकल्प)

यह योजना शुरुआती 3 वर्षों के लिए लागू की जा रही है। लाभार्थी महिलाओं को राशि प्राप्त करने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:

  1. मिक्स विकल्प: ₹1,000 प्रति माह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में तथा ₹1,500 रेकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में।

  2. पूरी बचत विकल्प: दीर्घकालिक बचत के उद्देश्य से पूरे ₹2,500 प्रति माह RD या FD अकाउंट में जमा करने का चयन।

कैसे होगा आपके आवेदन का वेरिफिकेशन?

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदनों की त्रिस्तरीय (Three-tier) जांच की जाएगी:

  1. पहला चरण: डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट द्वारा आवेदनों की शुरुआती स्क्रूटनी।

  2. दूसरा चरण: डिस्ट्रिक्ट महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन।

  3. अंतिम चरण: ज़िला स्तरीय अप्रूवल, मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण कमेटी की अंतिम मंज़ूरी।

जांच के मुख्य बिंदु:

जांच प्रक्रिया में आधार सत्यापन, दिल्ली का वोटर आईडी, पारिवारिक वार्षिक आय, बिजली की खपत, वाहन का स्वामित्व, पेंशन स्थिति और सरकारी सेवा से जुड़ा रिकॉर्ड शामिल होगा।

चेतावनी: गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज जमा करने पर न केवल वित्तीय मदद रोककर वसूली की जाएगी, बल्कि कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।