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एयर इंडिया टर्बुलेंस हादसा: 300 फीट नीचे गिरा था विमान, अब कैप्टन के डोप टेस्ट पॉजिटिव होने के दावे से मचा हड़कंप

DGCA की बहुकोणीय जांच: पूरे क्रू को ड्यूटी से हटाया

 

नई दिल्ली। थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2379) में 4 अगस्त को हुए भयानक टर्बुलेंस हादसे के बाद अब एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि हादसे के समय विमान उड़ा रहे कैप्टन का पोस्ट-फ्लाइट साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप टेस्ट) सैंपल पॉजिटिव आया है।

हालांकि, एयर इंडिया ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि टेस्ट की रिपोर्ट अभी उनके साथ साझा नहीं की गई है।

300 फीट नीचे गिरा विमान, चीख-पुकार के बीच 17 लोग घायल

4 अगस्त को 134 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ एयरबस A320 विमान ने सुबह 8:41 बजे फुकेत से उड़ान भरी थी। दिल्ली पहुंचने से कुछ देर पहले क्रूज चरण में (ओडिशा के ऊपर) विमान अचानक तेज और भयानक टर्बुलेंस की चपेट में आ गया।

  • अचानक 300 फीट गिरावट: टर्बुलेंस के दौरान विमान हवा में अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया और 2 से 3 मिनट तक डगमगाता रहा।

  • छत से टकराए यात्री: झटके इतने तेज थे कि सीट बेल्ट न बांधे हुए यात्री उछलकर केबिन की छत (सीलिंग) और गलियारे में जा गिरे। हादसे में 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स समेत कुल 17 लोग घायल हो गए।

  • इमरजेंसी मेडिकल हेल्प: सुबह 11 बजे आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद घायलों को फोर्टिस (वसंतकुंज), स्पाइनल इंजरी सेंटर और मेदांता (गुरुग्राम) में भर्ती कराया गया, जहां कुछ यात्रियों के सिर, गर्दन और कान के पर्दे फटने की गंभीर चोटें दर्ज की गईं।

डोप टेस्ट और एयर इंडिया का आधिकारिक बयान

पायलट के नशीले पदार्थ के सेवन के दावे पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "पायलटों पर लागू विमानन प्रोटोकॉल के तहत पोस्ट-फ्लाइट स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। हालांकि, टेस्ट के नतीजे अभी एयर इंडिया के साथ शेयर नहीं किए गए हैं, इसलिए हम किसी भी नतीजे पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।"

एयरलाइन ने यह भी दोहराया कि वे नागरिक उड्डयन नियमों के तहत क्रू मेंबर्स का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट कराते हैं और जांच एजेंसियों व संबंधित अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

DGCA की बहुकोणीय जांच: पूरे क्रू को ड्यूटी से हटाया

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है:

  1. क्रू पर कार्रवाई: जांच पूरी होने तक फ्लाइट के दोनों पायलटों समेत पूरे क्रू मेंबर्स को उड़ान ड्यूटी से हटा (Ground) दिया गया है।

  2. इमरजेंसी लैंडिंग पर सवाल: जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इतनी गंभीर घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना सही फैसला था या उसे वाराणसी/लखनऊ जैसे नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जाना चाहिए था।

  3. तकनीकी जांच: टर्बुलेंस से विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम या स्ट्रक्चर को कोई नुकसान पहुंचा या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

नियम क्या कहते हैं?

DGCA के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई पायलट पहली बार साइकोएक्टिव पदार्थ के टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर नशामुक्ति और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होता है। दोबारा डोप टेस्ट नेगेटिव आने के बाद ही उसे उड़ान की अनुमति मिलती है।