दिल्ली के सत्य निकेतन में 4 मंजिला PG इमारत जमींदोज, हादसे में 3 की मौत; PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जताया दुख
मोती बाग के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: बेसमेंट में मरम्मत के दौरान ढही 50 साल पुरानी इमारत; मलबे से 11 का रेस्क्यू, CM रेखा गुप्ता ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
नई दिल्ली (भदैनी मिरर समाचार)। देश की राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ छात्रों के पीजी (PG) के रूप में इस्तेमाल की जा रही करीब 50 साल पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस भयानक हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया है।
दमकल विभाग को घटना की सूचना दोपहर करीब 1:33 बजे मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि अचानक तेज धमाका और गड़गड़ाहट हुई, जिससे लगा जैसे भूकंप आ गया हो। इमारत गिरते ही आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
The collapse of a building at Satya Niketan, Delhi is distressing. Condolences to those who lost their loved ones. Praying for the speedy recovery of the injured. Authorities are working at the site and assisting those affected in the mishap: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) September 6, 2026
पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जताया गहरा दुख
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा, "दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत का ढहना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर राहत कार्य में जुटे हैं।"
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गृह मंत्री अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री ने हादसे की सूचना मिलते ही अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया और मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस कमिश्नर व NDRF महानिदेशक से बात कर स्थिति की जानकारी ली।
कैसे हुआ हादसा? बेसमेंट की खुदाई बनी वजह
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, 80 गज में बनी यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी थी। इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 5 ऊपरी मंजिलें और एक बेसमेंट था। इमारत में 'हॉस्टल डेज़' नाम से लड़कों का पीजी चल रहा था।
घटना के वक्त बेसमेंट में मरम्मत और खुदाई का काम चल रहा था, जिससे पिलर कमजोर हो गया और पूरी इमारत ढह गई। गनीमत यह रही कि रविवार का दिन होने के कारण कई छात्र बाहर गए हुए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 6, 2026
दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर… https://t.co/HSzRPPOVJy
राजनीतिक हलचल और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि एनडीआरएफ, फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू में जुटी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेसमेंट में अवैध खुदाई और रेनोवेशन कराने वाले मकान मालिक या दोषी अधिकारियों में से किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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मकान मालिक पर एक्शन: दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने जानकारी दी कि आरोपी मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
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राहुल गांधी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चिंता जताते हुए कहा कि छात्र अमानवीय परिस्थितियों में एक छत के नीचे रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सभी घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने की अपील की।
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पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल: पूर्व मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए सिस्टम और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए।
NDRF और डॉग स्क्वॉड का रेस्क्यू ऑपरेशन
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर जनरल एनएस बुंदेला के मुताबिक, NDRF की 2 टीमों (लगभग 70 जवान), डॉग स्क्वॉड और हैवी कटिंग उपकरणों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम अंतिम चरण में है और घायलों को एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।