वाराणसी: रास्ते के विवाद से तंग आकर महिला ने लगाई फांसी, 20 घंटे से घर में शव रख न्याय की मांग पर अड़े परिजन
बड़ागांव के अहरक खास गांव में रास्ता बंद होने से अवसादग्रस्त 50 वर्षीय कविता उपाध्याय ने की खुदकुशी; तहसील से डीएम तक गुहार के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप।
वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत अहरक खास गांव से एक बेहद दुखद और प्रशासनिक उपेक्षा को उजागर करने वाली खबर सामने आई है। घर तक जाने का रास्ता न मिलने और पड़ोसियों के उत्पीड़न से लंबे समय से अवसादग्रस्त चल रही 50 वर्षीय महिला कविता उपाध्याय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
20 घंटे से शव रखकर न्याय की गुहार
घटना के बाद से परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने मृतका के शव को पिछले 20 घंटे से भी अधिक समय से घर में रखा हुआ है और पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आते और उन्हें रास्ते की समस्या से स्थायी निजात नहीं दिलाते, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
सरकारी जमीन (नवीन परती) घेरने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके पुराने कच्चे मकान के पीछे 'नवीन परती' की सरकारी जमीन दर्ज है। लेकिन पाटीदारों द्वारा उस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वे पड़ोसियों की कृपा दृष्टि पर निर्भर हैं और जैसे-तैसे अपने ही घर तक पहुंचने को मजबूर हैं। इसी बात को लेकर आए दिन वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
तहसील से लेकर डीएम दफ्तर तक चक्कर काटने के बाद भी नहीं मिला न्याय
परिजनों का गंभीर आरोप है कि रास्ते के इस विवाद को लेकर उन्होंने तहसील प्रशासन से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक दर्जनों बार प्रार्थना पत्र दिए और अधिकारियों के चक्कर काटे। इसके बावजूद आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई ठोस या उचित कार्रवाई नहीं की, जिससे पूरा परिवार गहरे मानसिक अवसाद में जीने को मजबूर था।
मौके पर पुलिस बल तैनात
महिला द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम की सूचना मिलते ही बड़ागांव थाने की पुलिस टीम अहरक खास गांव पहुंच चुकी है। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और परिजनों की शिकायत पर उचित विधिक कार्रवाई का आश्वासन देने में जुटे हुए हैं।