वाराणसी: मृत अविवाहित की 'विधवा' बन जमीन हड़पने का खेल, फर्जीवाड़ा करने वाली महिला गिरफ्तार
फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड के सहारे किया था बड़ा खेल, बेटी समेत 5 फरार
वाराणसी (भदैनी मिरर): जमीन हड़पने के लिए जालसाजों ने अब रिश्तों का भी फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है। वाराणसी के रोहनिया थाने की पुलिस ने सोमवार को एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने एक मृत अविवाहित व्यक्ति की फर्जी 'विधवा' बनकर उसकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी। गिरफ्तार आरोपी महिला का नाम सरिता देवी है, जो भदोही जिले के परसीपुर बरैला की रहने वाली है।
क्या है पूरा मामला?
जक्खिनी निवासी पीड़ित राम बिलास यादव ने 16 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। राम बिलास के अनुसार, उनके भाई बाबूलाल अविवाहित थे और 25 अक्टूबर 2019 को उनकी मृत्यु हो गई थी। बाबूलाल की मौत के बाद उनकी कीमती जमीन पर कब्जा करने की नियत से आरोपी सरिता देवी ने एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा शुरू किया।
जालसाजों का 'मॉडस ऑपेरंडी':
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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र: आरोपियों ने नगर निगम से बाबूलाल का कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया।
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आधार कार्ड में हेराफेरी: सरिता देवी ने अपने आधार कार्ड में पति के नाम की जगह बाबूलाल का नाम दर्ज करवा लिया।
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कुटुंब रजिस्टर: फर्जी तरीके से कुटुंब रजिस्टर में अपना और अपनी बेटी संजना का नाम दर्ज कराया ताकि कानूनी रूप से वारिस बन सके।
बेटी और चार अन्य सहयोगियों की तलाश में दबिश
रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में सरिता की बेटी संजना देवी और चार अन्य लोग शामिल थे। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
फरार आरोपियों के नाम:
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प्रखर सिंह (टोडरपुर, राजातालाब)
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विशाल सिंह (टोडरपुर, राजातालाब)
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शिवम कुमार सिंह (टोडरपुर, राजातालाब)
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राजेश कुमार सिंह (टोडरपुर, राजातालाब)
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संजना देवी (भदोही)
पुलिसिया जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
पीड़ित की शिकायत पर जब दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई, तो पता चला कि सरिता देवी और उसके साथियों ने सभी कागजात कूटरचित (Forged) तरीके से तैयार किए थे। आरोपी महिला ने इन्हीं दस्तावेजों के सहारे जमीन का फर्जी सट्टा (Agreement) भी कर लिया था। पुलिस ने सरिता देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।