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वाराणसी: दोना-पत्तल व्यवसाई मनीष सिंह हत्याकांड में पत्नी का जिला मुख्यालय पर धरना का ऐलान, करणी सेना के नेता हाउस अरेस्ट

"अपराधियों के घर पर चले बुलडोजर, बंद हो नेताओं की लीपापोती" - न्याय के लिए पीड़ित परिवार का फूटा गुस्सा

 

वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के घमहापुर गांव में दोना-पत्तल व्यवसाई मनीष सिंह (38 वर्ष) की पीट-पीटकर की गई निर्मम हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। न्याय की मांग को लेकर स्वर्गीय मनीष सिंह की पत्नी अंकिता सिंह ने आज यानी 29 मई को जिला मुख्यालय पर विशाल धरने का ऐलान किया है। अंकिता के इस कदम के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आंदोलन को रोकने के लिए करणी सेना के शीर्ष नेताओं को नजरबंद (House Arrest) कर दिया गया है।

"सिर्फ पति नहीं मरा, पूरे परिवार का सहारा छिना है"

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन से पहले अंकिता सिंह का दर्द और गुस्सा फूट पड़ा। रुंधे गले से अंकिता ने कहा:

"यह सिर्फ मेरे पति की हत्या नहीं है, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया गया है। जब तक मेरे पति के हत्यारों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती और हमें पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक हमारी यह लड़ाई थमेगी नहीं। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।"

पीड़ित परिवार की प्रशासन से 4 सूत्रीय मांगें:

  1. बुलडोजर की कार्रवाई: मनीष सिंह की हत्या में शामिल चिन्हित अपराधियों के अवैध कब्जों और अवैध निर्माणों पर तत्काल बुलडोजर चलाया जाए।

  2. सुरक्षा और न्याय: पीड़ित परिवार को प्रशासन की तरफ से पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।

  3. लीपापोती बंद हो: मामले को दबाने के लिए स्थानीय प्रशासन और राजनेताओं द्वारा की जा रही कथित लीपापोती को तुरंत बंद किया जाए।

  4. कठोरतम सजा: घटना में शामिल सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजकर सख्त से सख्त सजा दी जाए।

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आंदोलन से पहले करणी सेना के नेता नजरबंद (House Arrest)

अंकिता सिंह के इस आंदोलन को सर्वसमाज और विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा था। जिला मुख्यालय पर होने वाले इस प्रदर्शन के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। 28 मई की देर रात से ही करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इसके अलावा, करणी सेना के वाराणसी जिलाध्यक्ष आलोक सिंह को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया है, ताकि जिला मुख्यालय पर भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके।

क्या थी पूरी घटना?

गौरतलब हो कि यह पूरा विवाद वाराणसी के घमहापुर गांव में एक कार दुर्घटना से शुरू हुआ था। कार की टक्कर से एक स्थानीय महिला घायल हो गई थी, जिसके बाद हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दबंगों ने 38 वर्षीय दोना-पत्तल व्यवसाई मनीष सिंह की घेरकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।