{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी: सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने वाले दो और तस्कर गिरफ्तार, अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़; 1 लाख का इनाम

शिवाजी नगर कॉलोनी (लंका) में चल रही थी अवैध असलहा फैक्ट्री, भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद, मुख्य सरगना का पिता भी गिरफ्तार
 

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। लंका थाना पुलिस ने आरक्षी (सिपाही) अमित शुक्ला पर फायरिंग करने वाले अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर गिरोह के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले में दो अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर शिवाजी नगर कॉलोनी (सामने घाट) में संचालित हो रही अवैध असलहा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
मौके से भारी मात्रा में देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, अर्द्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने वाली आधुनिक मशीनें व औजार बरामद किए गए हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस आयुक्त ने पुलिस टीम को 1 लाख रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।

मुखबिर और सर्विलांस की मदद से धरे गए आरोपी


एडीसीपी काशी गौरव बांगर ने बताया कि  सिपाही अमित शुक्ला पर फायरिंग की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। साइबर सेल, सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 31 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा। पकड़े गए संदिग्धों में अमन कुमार मिश्रा निवासी- कपरी पार (मईल) देवरिया हाल पता- अशोकपुरम कॉलोनी (डाफी) लंका और विमल कांत झा ( निवासी- भेलूपुर; हाल पता- शिवाजी नगर कॉलोनी, सामने घाट, लंका) है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त अंजनी नंदन झा (जिसे पहले ही पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया जा चुका है) का यह गिरोह शहर में अवैध असलहों की तस्करी और निर्माण का काम करता था। गिरफ्तार अमन मिश्रा इस गिरोह को पैसों के लेन-देन और सप्लाई में सहयोग करता था, जबकि दूसरा आरोपी विमल कांत झा मुख्य सरगना अंजनी नंदन झा का पिता है, जो किराए के मकान में चल रहे इस अवैध कारोबार में शामिल था।

मौके से मिले हथियार और निर्माण उपकरण


आरोपी अमन मिश्रा की निशानदेही पर शिवाजी नगर कॉलोनी स्थित मकान पर छापेमारी की गई, जहां से पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद किया। बरामद हथियारों में अधनिर्मित व तैयार हथियार शामिल है। जिसमें 32 बोर की 3 देसी पिस्टल, 19 अर्द्धनिर्मित देसी तमंचे/पिस्टल/बैरल, 6 मैगजीन और 15 मुट्ठियां। इसके अलावा 32 बोर के 65, 315 बोर के 40, 45 बोर के 30, 24 खोखा कारतूस और अन्य जिंदा कारतूस।
पुलिस ने पिलर ड्रिल मशीन, इनवेल्टर वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर और पॉलिशर मशीन, गैस ब्लो टॉर्च, वर्नियर कैलिपर, रेती, आरी, हथौड़े, स्प्रिंग, और भारी मात्रा में लोहे के टुकड़े व केमिकल सामग्री शामिल है।

पुलिस कमिश्नर ने टीम को दिया 1 लाख का इनाम

इस शातिर गिरोह के खुलासे और भारी मात्रा में अवैध असलहे बरामद करने वाली संयुक्त पुलिस टीम में थाना प्रभारी लंका राजकुमार, चौकी प्रभारी रमना प्रिंस तिवारी, चौकी प्रभारी बीएचयू सौरभ तिवारी, चौकी प्रभारी संकटमोचन स्वप्निल सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी और सर्विलांस सेल के कर्मचारी शामिल रहे। पुलिस कमिश्नर द्वारा इस सराहनीय सफलता पर पूरी टीम को 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आयुध अधिनियम (Arms Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई पूरी कर ली है तथा मामले के अन्य लिंक्स की गहराई से जांच की जा रही है।