Varanasi : आंध्र प्रदेश से ट्रक में ला रहे थे 13 क्विंटल गांजा! कोर्ट ने दो तस्करों को सुनाई 10-10 साल की कठोर कैद
मक्के की 160 बोरियों के नीचे छिपा रखा था 1302 किलो गांजा, 1-1 लाख का जुर्माना; न देने पर काटनी होगी अतिरिक्त सजा
भदैनी मिरर (Bhadaini Mirror) डेस्क: वाराणसी की Fast Track Court ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों अभियुक्तों पर 1-1 लाख रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार-द्वितीय की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने बिहार के कोइलवर (आरा) निवासी हृदयानन्द राय और ओडिशा के डुमरीपुट निवासी भागीरथी बेनिया को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार दिया। अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में दोनों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक अधिकारी श्याम सरोज दुबे ने प्रभावी पैरवी की।
डाफी टोल प्लाजा पर DRI की टीम ने ऐसे दबोचा था ट्रक
मामला 9 और 10 अक्टूबर 2020 की दरमियानी रात का है। राजस्व बुद्धिमत्ता निदेशालय (DRI) की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आंध्र प्रदेश से एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा लादकर वाराणसी के रास्ते प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए DRI अधिकारियों ने 10 अक्टूबर 2020 की सुबह लगभग 3:30 बजे लंका थाना क्षेत्र के डाफी टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।
मक्के की 160 बोरियों के नीचे छिपा रखा था 1302 किलो गांजा
जब DRI अधिकारियों ने ट्रक की तलाशी ली, तो तस्करों की चालाकी देखकर हर कोई हैरान रह गया। आरोपियों ने पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए मक्के की 160 बोरियों के नीचे गांजे की खेप छिपा रखी थी।
तलाश के दौरान ट्रक से कुल 1302.500 किलोग्राम (लगभग 13 क्विंटल) गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई थी। अधिकारियों ने मौके से ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।